कानपुर के चकेरी में 20 जून को नरेंद्र सिंह सेंगर उर्फ पिंटू सेंगर की हत्या उसके विरोधी पप्पू स्मार्ट ने जमीन विवाद में सुपारी देकर कराई थी। पुलिस को इस संबंध में अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका तलाश कर रही है। सुपारी लेने वाले और शूटरों के गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।
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बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
20 जून को पिंटू सेंगर की सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रेश सिंह के घर के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पप्पू स्मार्ट, मनोज गुप्ता, सउद अख्तर, वकील दीनू उपाध्याय, अरिदमन सिंह और महफूज अख्तर पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि जांच में कुछ अहम सुबूत मिले हैं जिससे एक बात स्पष्ट हो गई है कि पिंटू सेंगर की हत्या पप्पू स्मार्ट ने साजिश रचकर कराई। पप्पू ने खुद सुपारी किलर को रेकी करवाकर पिंटू के बारे में जानकारी दी। उसके बाद सुपारी लेने वाले ने शूटरों से वारदात को अंजाम दिलाया। एसपी ने बताया कि सीडीआर समेत अन्य कई अहम सुबूत पुलिस के पास हैं।
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बसपा नेता की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
15 जून को छोड़ा था शहर
पप्पू स्मार्ट पिंटू की हत्या की साजिश रचने के लिए शहर आया था। यहीं पर वह सुपारी किलर से मिला और फिर सौदा तय हुआ। सुपारी किलर ने एडवांस लेने के बाद रेकी कर पिंटू के बारे में जानकारी जुटाई। उसके बाद पप्पू को शहर छोड़ने को कहा। एसपी पूर्वी के मुताबिक 15 जून को पप्पू शहर छोड़कर चला गया। इसके ठीक पांच दिन बाद पिंटू को मार दिया गया। सूत्रों के मुताबिक कई नामजद आरोपी हत्या की साजिश में शामिल रहे हैं।
10-15 लाख में दी गई सुपारी
एसपी ने ये खुलासा नहीं किया गया है कि सुपारी लेने वाला कौन है और वह कहां का है। शूटर शहर के हैं या बाहर के, इसके बारे में भी जानकारी नहीं दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 10-15 लाख रुपये में सुपारी दी गई थी। पुलिस शूटरों को पकड़ने के बाद खुलासा करेगी।