छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद जिले के लामा गांव के लाल विकास कुमार का शव मंगलवार देर रात शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा। सुबह जब शहीद को अंतिम संस्कार के लिये ले जाया जा रहा था तो उन्हें कंधा देने की होड़ सी लग गयी। हर आंख नम थी और जिले के लाल की शहादत से लोगों में बहुत गुस्सा था।
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पति के पार्थिव शरीर से लिपट कर पत्नी नंदनी की निकली चीख़
- फोटो : amar ujala
बुधवार सुबह पूरे सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि दे रहे दादा की तबियत बिगड़ी तब शहीद के छोटे भाई विनय ने दी मुखाग्नि। शादी की सालगिरह के 13 दिन पहले छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद जिले के लामा गांव के लाल विकास कुमार का शव मंगलवार देर रात गांव पहुंचते ही समूचा इलाका रो पड़ा। विकास को भाई की शादी में 25 फरवरी को आना था।
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शहीद विकास कुमार के ताबूत पर फूल चढ़ाने के बाद सलामी देती सीआरपीएफ की टुकड़ी
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इंतजार में एक-एक दिन गिन रही पत्नी नंदनी शहादत की खबर से ही बेसुध थी। ताबूत देखा तो उससे लिपटकर दहाड़े मार रो पड़ी। मां कैलशिया की भी हालत ऐसी ही थी। रोते-रोते दोनों कई बार बेहोश हुईं। साथ-साथ सैकड़ों महिलाएं और पुरुष फफकते रहे। बेटे की शहादत से विचलित दिख रही मां कैलशिया बार-बार देश के लिए बेटे की वफादारी और बलिदान पर गर्व की बात कह रही थी।
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इन्ही पगडंडियों में खेलकूद कर बड़ा हुआ था विकास। उन्ही पगडंडियों से आज गुज़रा ताबूत।
- फोटो : amar ujala
पत्नी नंदनी ने कहा, गर्व है कि वह एक शहीद की पत्नी है। उसने बताया, विकास अपने पैतृक गांव लामा अंतिम बार पिछले वर्ष अक्तूबर में आए थे। इससे पहले अपनी शादी (23 फरवरी 2019) के दौरान 15 दिन गांव में गुजारे थे। छोटे भाई आकाश की शादी में शामिल होने के लिए उन्हें 25 फरवरी को घर आना था। शादी सात मार्च को है।
पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि के फूल...... शहीद की विधवा नंदनी
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आकाश ने बताया कि शहादत के चंद घंटे पूर्व भाई से फोन पर बात हुई थी। विकास ने आकाश से कहा था, शादी के कार्ड छप गए हों तो प्रेस से उठा लाना। सभी को निमंत्रण देना है। आकाश ने बताया कि शादी के लिए कई वाहन भी भाई ने खुद बुक किए थे। बैंडबाजा, रोड लाइट भी बुक हो चुकी थी। भइया को जितनी घर की चिंता थी, उससे ज्यादा अपने देश और ड्यूटी के प्रति गंभीर और वफादार थे।