फर्रुखाबाद के करथिया गांव में बच्चों को बंधक बनाने के मामले में आईजी मोहित अग्रवाल ने एक और सराहनीय काम किया है। आईजी ने मंगलवार को अपनी पुरस्कार राशि से गौरी(मारे गए बदमाश की बेटी) के नाम से बैंक में एफडी कराई। जिससे उसका भविष्य बेहतर हो सके।
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सिपाही सीमा के साथ सुभाष की बेटी गौरी
- फोटो : अमर उजाला
बालिग होने पर गौरी को एफडी की रकम मिल जाएगी। करथिया गांव में 30 जनवरी को बदमाश सुभाष बाथम व उसकी पत्नी ने अपनी बेटी की बर्थडे पार्टी के बहाने गांव के 25 बच्चों को घर पर बुलाया था। यहां तहखाने में दंपती ने मिलकर सभी बच्चों को बंधक बना लिया था।
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आईजी ने गौरी को लिया है गोद
- फोटो : अमर उजाला
तहखाने में असलहों का जखीरा और 15 किलो बारूद से भरा सिलिंडर बम रखा था। आईजी मोहित अग्रवाल के निर्देशन में हुए ऑपरेशन में सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया था। सुभाष पुलिस की गोली से मरा था जबकि उसकी पत्नी की मौत भीड़ की पिटाई से हुई थी।
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सिपाही सीमा के बच्चों के साथ घूमने जाती गौरी
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में उनकी डेढ़ साल बेटी गौरी अनाथ हो गई। आईजी ने उसको गोद लेने का निर्णय लिया। तब से उसकी देखरेख महिला सिपाही रजनी के पास है। आईजी ने बताया कि सफल ऑपरेशन को लेकर सात फरवरी को लखनऊ में हुए सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनको एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया था।
उन्होंने इस रकम को गौरी के नाम करने का फैसला लिया है। इसलिए मंगलवार को उन्होंने गौरी केनाम से एक लाख की एफडी कराई है। आईजी के मुताबिक गौरी के भविष्य को देखते हुए ये कदम उठाया गया है। इसके अलावा जो मदद होगी वो भी की जाएगी।