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अनुसूचित जाति के वोटरों को लुभाने में जुटीं पार्टियां, इस सीट पर है अच्छा-खासा प्रभाव

Tue, 09 Apr 2019 11:28 AM IST
शिखा पांडेय पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर
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लोकसभा चुनाव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कानपुर महानगर लोकसभा क्षेत्र में बसपा का प्रत्याशी नहीं होने की वजह से अभी तक अनुसूचित जाति के वोटों को लेकर जो ध्रुवीकरण रहता था, इस बार उसमें काफी परिवर्तन दिख रहा है। गठबंधन की वजह से सपा के खाते में यह सीट जाने से अनुसूचित जातियों का वोट भाजपा, कांग्रेस अपने कब्जे में करने में जुटी है। भाजपा ने इसके लिए बाकायदा अनुसूचित मोर्चा बनाया है और जगह-जगह मोर्चा के सम्मेलनों में इस बिरादरी के लोगों को बुलाकर सम्मानित करने और अपने साथ जोड़ने पर काम चल रहा है। 
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लोकसभा चुनाव (फाइल फोटो)
कानपुर लोकसभा क्षेत्र में अनुसूचित जातियों के कुल मतदाताओं की संख्या लगभग पौने चार लाख है। यह वोट बैंक रिजल्ट पर काफी प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में सभी पार्टियों की निगाहें इनपर हैं। 
भाजपा मोदी की छवि को अनुसूचित जातियों के सेवक वाली भूमिका में पेश कर रही है।
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लोकसभा चुनाव (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala
हर अनुसूचित बस्ती में, बैठकों में, इस बात का उल्लेख जरूर किया जा रहा कि प्रयागराज के कुंभ में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर उनका सम्मान किया, यह हर कोई नहीं कर सकता है। इससे साफ है कि इस बिरादरी को लेकर भाजपा की सरकार कितना सजग है। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं को हवाला देकर भी भाजपा अनुसूचित वोट को अपनी ओर खींचने में लगी है। 

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लोकसभा चुनाव 2019 - फोटो : अमर उजाला
बसपा से पहले अनुसूचित जातियों का वोट बैंक कांग्रेस का माना जाता था। बसपा के आने के बाद इसमें बिखराव आया और 2014 के बाद से भाजपा की अनुसूचित जातियों को लेकर बनाई गई रणनीति से इसमें काफी हद तक बंटवारा हो गया। इस बार क्योंकि महानगर में बसपा का प्रत्याशी नहीं है, इसलिए पौने चार लाख के वोट बैंक को लेकर जबरदस्त रस्साकशी चल रही है। शहर लोकसभा क्षेत्र में जितने भी प्रत्याशी मैदान में हैं, उसमें कोई भी अनुसूचित बिरादरी का नहीं है, इसलिए यह संभव है कि अनुसूचित जातियों का वोट भी बिखरेगा। किसके खाते में ज्यादा जाएगा, यह मतदान आते-आते स्पष्ट होने लगेगा। 
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लोकसभा चुनाव (फाइल फोटो)
अनुसूचित जातियों की शहर में रहती हैं 19 बिरादरी
अनुसूचित जातियों के महानगर में 19 बिरादरी के लोग निवास करते हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या में जाटव, संखवार, दोहरे और अहिरवार की है। इसके अलावा कोरी, वर्मा, अनुरागी, धोबी, दिवाकर ,धानुक, कठेरिया, बरार, बाल्मीकि, खटिक, सोनकर, पासी, पासवान, सरोज प्रमुख हैं।
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लोकसभा चुनाव (फाइल फोटो)
अनुसूचित जातियों की कुल मतदाता संख्या- 3,80,950
जाटव, संखवार, दोहरे और अहिरवार- 98,650
कोरी, वर्मा, अनुरागी- 42,000
धोबी, दिवाकर- 33,100
धानुक, कठेरिया, बरार- 18,500
बाल्मीकि- 97,100
खटिक, सोनकर- 65,400
पासी, पासवान, सरोज- 26,200 
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