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चालक की नशेबाजी बनी मासूमों की मौत का सबब, लोग लगा रहे थे बचाओ-बचाओ की गुहार

Sun, 14 Apr 2019 09:36 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पलटी पड़ी ट्राली को सीधा करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज जिले के छिबरामऊ में ट्रैक्टर चालक की नशेबाजी तीन मासूम जिंदगियों के लिए मौत का सबब बन गई। घायलों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक ने छिबरामऊ में पेट्रोल पंप के पास शराब पी थी। नशे में उसने ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा दी थी। वह ट्रैक्टर पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। ग्रामीणों का कहना है कि नशे ने तीन मासूम की जान ले ली। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भाग निकला। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। लोग बचाओ-बचाओ की गुहार लगा रहे थे। 
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मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलटने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ी, लेकिन लोकेशन न मिलने से पुलिस और एंबुलेंस काफी देर तक जीटी रोड पर सरायसुंदर गांव के आस-पास भटकती रही। काफी देर बाद घटनास्थल की सही जानकारी मिल सकी।
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अस्पताल में एक बेड पर लेटे तीन घायल - फोटो : अमर उजाला
ट्रैक्टर ट्राली पलटने से दो बच्चे उसके नीचे दब गए। ग्रामीणों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ट्राली को सीधा किया, लेकिन तब तक दो मासूम दम तोड़ चुके थे। हादसे में रिंकू के इकलौते पुत्र आयुष (7) की मौत हो जाने से उसकी मां पूजा बदहवास हो गई। रिंकू के एक पुत्र आयुष व एक पुत्री अंशिका है।

 

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चिकित्साधिकारी डॉ.डीएस मिश्रा से जानकारी लेते डीएम रवींद्र कुमार व एसपी अमरेंद्र प्रसाद - फोटो : अमर उजाला
ट्रैक्टर सवार गर्भवती महिला गीता (20) पत्नी मान सिंह की हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। मैनपुरी जनपद के बिछवां थानांतर्गत ग्राम सिमरई निवासी सुरेश सिंह की पुत्री खुशबू अपनी ननिहाल ढंगरा गांव में नानी सोमवती पत्नी ओमकार के साथ रहती थी और गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ती थी। खुशबू का पिता इलाहाबाद में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता है।

 
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बिलखती महिला को ढांढस बंधातीं राज्यमंत्री अर्चना पांडेय - फोटो : अमर उजाला
घायलों के पहुंचने का सिलसिला सौ शैय्या अस्पताल में शुरू हुआ, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल शुरू हो गया। डॉक्टरों को उपचार में काफी परेशानी उठानी पड़ी। नेताओं और अधिकारियों के आने से भी व्यवधान पैदा हुआ। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बेड कम पड़े गए। प्रसव कक्ष में घायलों को भर्ती कराया गया। एक बेड पर दो-दो और तीन-तीन घायल पड़े थे।
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