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Pahalgam Attack: घोड़े वाले से पुलिस तक के मिले होने का संदेह, शुभम के परिजनों ने सीएम को दीं कई जानकारियां

Fri, 25 Apr 2025 06:45 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Pahalgam Terror Attack: परिजनों ने सीएम योगी को बताया कि जब आतंकवादी लोगों को गोली मार रहे थे, तब उनके परिवार के लोग इधर-उधर सहायता के लिए चिल्लाते हुए भाग रहे थे। इसके बावजूद वहां पर मौजूद स्थानीय पुलिस के तीन कर्मी यह सब देखने के बाद भी किसी की सहायता नहीं कर रहे थे।
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
Kanpur News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का शिकार हुए कानपुर के शुभम द्विवेदी के परिजनों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हमले के संबंध जो जानकारियां साझा कीं, उससे गहरी साजिश की बात सामने आ रही है। जिस समय शुभम के परिजन रोते हुए यह सब बता रहे थे, मुख्यमंत्री स्तब्ध होकर पूरी बातें सुन रहे थे।
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सीएम योगी से बात करती ऐशान्या - फोटो : amar ujala
शायद यही वजह है कि परिजनों से मिलने के बाद जब मुख्यमंत्री बाहर निकले तो उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर गुस्सा था। इस बीच मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने उसी गुस्से में कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद का जड़ से सफाया होगा। शुभम के परिजनों की जानकारी से इस बात की आशंका है कि जो लोग टट्टुओं से सैलानियों को पहाड़ की सैर पर ले जा रहे थे, उनमें कुछ आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं।
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रोती बिलखती शुभम की पत्नी - फोटो : amar ujala
टट्टू चालक जबरन ले गया ऊंचाई पर
परिजनों ने बताया कि सैलानियों को टट्टू पर बिठाकर स्थानीय लोग ऊपर पहाड़ी पर ले जा रहे थे। काफी दूर जाने के बाद शुभम और उनकी पत्नी ऐशान्या ने उनसे बार-बार कहा कि अब उन्हें ऊपर तक नहीं जाना है। थकान हो रही है यही से वापस ले चलो। जब टट्टू चालकों ने उनकी बात नहीं सुनी, तो उनसे कहा कि चाहे आने-जाने का पूरा किराया ले लो। उनके बार-बार कहने के बावजूद कुछ टट्टू वाले यही कहते रहे कि ऊपर तक तो जाना ही पड़ेगा।

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शुभम के घर बैठे गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
गुहार के बाद भी स्थानीय पुलिस कर्मी रहे चुप
परिजनों ने बताया कि जब आतंकवादी लोगों को गोली मार रहे थे, तब उनके परिवार के लोग इधर-उधर सहायता के लिए चिल्लाते हुए भाग रहे थे। इसके बावजूद वहां पर मौजूद स्थानीय पुलिस के तीन कर्मी यह सब देखने के बाद भी किसी की सहायता नहीं कर रहे थे। ऐसे में निराश हताश लोग चिल्लाने लगे कि उन्हें सेना के कैंप तक ले चलो, लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुना। स्थानीय पुलिस ऐसे व्यवहार कर रही थी, जैसे कुछ हुआ ही नहीं है।
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शुभम द्विवेदी को सीएम ने दी श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
होटल से भी हो रही थी रेकी
शुभम के पिता ने यह भी बताया कि पहलगाम में नीचे जहां वह होटल में रुके थे, वहीं से रेकी हो रही थी। बताया कि इसका आभास उन्हें पहले तो नहीं हुआ लेकिन जब पता चला कि उनके बेटे और कई लोगों को आतंकियों ने गोली मार दी है, तब उनका ध्यान उस तरफ गया। घटना से पहले होटल में मौजूद कई लोग पूछ रहे थे कि कहां से आए हो आप लोग, कितने लोग साथ में हैं।
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