शुभम के घर बैठे गमगीन परिजन
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गुहार के बाद भी स्थानीय पुलिस कर्मी रहे चुप
परिजनों ने बताया कि जब आतंकवादी लोगों को गोली मार रहे थे, तब उनके परिवार के लोग इधर-उधर सहायता के लिए चिल्लाते हुए भाग रहे थे। इसके बावजूद वहां पर मौजूद स्थानीय पुलिस के तीन कर्मी यह सब देखने के बाद भी किसी की सहायता नहीं कर रहे थे। ऐसे में निराश हताश लोग चिल्लाने लगे कि उन्हें सेना के कैंप तक ले चलो, लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुना। स्थानीय पुलिस ऐसे व्यवहार कर रही थी, जैसे कुछ हुआ ही नहीं है।