कानपुर के शुभम द्विवेदी को श्रद्धांजलि देने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी उनके घर पहुंचे थे। श्रद्धांजलि देने के बाद सीएम ने परिजनों से मुलाकात की। जैसे ही शुभम की पत्नी ऐशान्या ने सीएम को देखा तो फफक कर रो पड़ीं।
सीएम से बोलीं, बदला चाहिए नहीं तो मैं मर जाऊंगी सर। आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। सीएम ने किसी तरह शांत कराया और हर हाल में बदला लेने का भरोसा भी दिया। इसके बाद सीएम को घटना की पूरी जानकारी दी।
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शुभम द्विवेदी की फोटो देख पत्नी भावुक हो गई
- फोटो : संवाद
'मुसलमान हो तो पहले कलमा पढ़कर सुनाओ'
ऐशान्या बोलीं, मैं और शुभम नाश्ता करने जा रहे थे। मेरी बहन थोड़ी दूर बैठी थी और पापा मेरे वॉशरूम गए थे। उतनी ही देर में एक बंदा पीछे से आया और उसने गन साइड में रखी और पूछा कि हिंदू हो या मुसलमान। मुसलमान हो तो पहले कलमा पढ़कर सुनाओ। हमें समझ में ही नहीं आया हम पीछे मुड़े देखा कि आखिर हो क्या रहा है। मैंने उसकी तरफ मुस्कुराकर पूछा कि भइया क्या हुआ। उसने पूछा कि हिंदू हो या मुसलमान। मैंने बोला हिंदू, फिर मार दिया। सबको मार दिया।
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इसी साल 12 फरवरी को शुभम और ऐशन्या की शादी हुई, यह फोटो तभी की है।
- फोटो : परिजन
अपनी सरकार को बता देना कि हमने क्या किया
ऐशान्या ने बताया कि मैंने आतंकियों से खुद को भी मारने की अपील की, लेकिन आतंकियों ने मना कर दिया और कहा कि तुम्हें इसलिए जिंदा छोड़ रहे हैं कि मोदी और अपनी सरकार को बता देना, कि हमने क्या किया। मंगलवार से ही ऐशान्या अपने पति शुभम के पार्थिव शरीर के साथ थीं। ऐशान्या के जेहन में अब भी गोली की आवाज गूंज रही है। इसे याद करके वह हर किसी से पूछ रही हैं कि मेरे शुभम को क्यों मार दिया?
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शुभम के पिता संजय
- फोटो : X @ANI
मेरे बेटे का कसूर क्या था, सजा कब मिलेगी?
इकलौते बेटे की हत्या पर शुभम के पिता फफक-फफकर रो रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभम के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान भी पिता हाथ जोड़कर बिलखते दिखे। उनका एक ही सवाल था कि मेरे बेटे का कसूर क्या था? उसके हत्यारों को सजा कब मिलेगी?
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CM Yogi Adityanath
- फोटो : X @ANI
हमला क्रूर, वीभत्स और कायराना कृत्य : मुख्यमंत्री
पर्यटकों पर हमला एक क्रूर, वीभत्स, कायराना कृत्य है, जिसकी भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के हर सभ्य समाज ने निंदा की है। निर्दोष पर्यटकों पर उनकी जाति और धर्म पूछकर हमला किया गया। यह कोई सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता है। कहा कि गृहमंत्री ने स्वयं उन क्षेत्रों का दौरा किया, जहां यह घटना घटी है।
दादी बोलीं, मैंने कहा था... शादी कर लो बेटा, बहू का मुंह देख लें
‘शुभम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और सबसे ज्यादा टूटी 85 साल की दादी विमला देवी दिखीं। वो पोते की तस्वीरें देखकर कह रहीं थीं कहा चला गया मेरा लाल, मैंने ही शादी की जिद की थी। वो हमसे पहले चला गया।
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रोती-बिलखती शुभम की दादी
- फोटो : अमर उजाला
दादी बोलीं, मैंने कहा था शादी कर लो बेटा, बहू का मुंह देख लें, फिर चैन से मरूंगी... ये बात विमला देवी ने कई बार अपने पोते शुभम द्विवेदी से कही थी जिसके बाद शादी की थी। हम तो चाहते थे उसका घर बस जाए, दो महीने पहले ही तो शादी हुई थी। अब किस्मत ने सब छीन लिया। मेरा तो बस वही नाती था। शुभम अपने परिवार का सबसे चहेता था, चाची, बुआ, माता-पिता सबको छोड़कर चला गया। उनके चेहरे की झुर्रियों में गम गहराता जा रहा था।
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शुभम द्विवेदी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा
- फोटो : संवाद
हर आंख को रुलाकर चला गया शुभम
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों की गोली का शिकार हुए शुभम द्विवेदी का पार्थिव शरीर गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। महाराजपुर स्थित गंगा किनारे ड्योढ़ी घाट पर हुए राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके चाचा मनोज द्विवेदी ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर मौजूद सभी लोगों के आंखों में आंसू थे।
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शुभम द्विवेदी श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ लगी
- फोटो : संवाद
पर्यटकों पर आतंकी हमला, 26 की नृशंस हत्या
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले में करीब 14 लोग घायल हुए हैं। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।