लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि हमें अपनी लोकभाषाओं को बचाए रखना होगा। ब्रज की खड़ी बोली काफी अच्छी है। परंतु ब्रज भाषा हो, अवधी हो या भोजपुरी इन भाषाओं पर कोई काम नहीं हो रहा है। लोक भाषाओं को संकट से दौर से बचाने की जरूरत है। यूपी के इटावा में उन्होंने कहा कि वह खुद अवधी भाषा से ताल्लुक रखती हैं लेकिन भोजपुरी गीत गा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होेंने रामसेतु के बारे में भारतीय पुरातत्वविदों से जांच कराने के लिए पीएम को ट्वीट किया है। बाहरी किसी एजेंसी से जांच की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वे कन्नौज जिले की रहने वाली हैं। उनके पति की पहली पोस्टिंग भोगांव मैनपुरी में रही।
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मालिनी अवस्थी
पहली बार वह अपनी बच्ची के साथ इटावा रेलवे स्टेशन आई थी। यहां बच्ची को भूख लगने पर स्टेशन के बाहर हलवाई की दुकान से दूध भी पिलाया था। इसलिए कन्नौज के साथ इटावा और मैनपुरी से उनका गहरा नाता रहा है। वह कई बार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करती रहीं हैं। इटावा आकर उन्हें अपनेपन का एहसास होता है।
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मालिनी अवस्थी
इटावा प्रदर्शनी पंडाल में सोमवार रात लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने मधुर सुरों के साथ लोकगीतों की महफि ल सजाई। उनके लोक गीतों का श्रोताआें ने आनंद लिया। उन्होंने इटावा से अपने लगाव की चर्चा करते हुए श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। लोक गीत कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी एवं प्रदर्शनी समिति की अध्यक्ष सेल्वा कुमारी जे ने किया। उन्होंने लोक गायिका का बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद मालिनी अवस्थी ने मंच संभाला। उन्होंने सबसे पहले श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी श्री नाथ नारायण वासुदेवा गीत गाया।
राधे कृष्णा राधे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे गीत की धुन पर श्रोता झूम उठे। उन्होंने एक के बाद एक भोजपुरी एवं अवधी भाषा के गीत गाकर सुरों का समां बांध दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, सीडीओ पीके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट शमशाद हुसैन, एसडीएम सिद्धार्थ एवं कार्यक्रम संयोजक कैलाश अवस्थी मौजूद रहे।