फतेहपुर जिले में किशनपुर घाट से दांदो (बांदा) को चलने वाली सरकारी नाव के नाविक ने बुधवार को 35 लोगों की जान खतरे में डाल दी। नाविक ने बाढ़ चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह और लेखपाल प्रदीप कुमार के सामने 20 की जगह 35 यात्रियों और आठ की जगह 16 बाइकों को नाव पर लाद लिया।
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ओवरलोड नाव पलटने से बची
- फोटो : अमर उजाला
ओवरलोड नाव यमुना की बीच धारा में पहुंचते ही तेज बहाव में बहकने लगी। नाव भटक कर चार किमी दूर तक निकल गई। कई बार नाव पलटने से बची। नाव में बैठे लोग चीखने लगे। एकडला घाट के पास नाविक ने किसी तरह नाव को संभाला और दांदो घाट (बांदा) लेकर पहुंचा। इधर, नाव को डगमगाते देख चौकी इंचार्ज और लेखपाल चीखने के अलावा कुछ नहीं कर सके।
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ओवरलोड नाव पलटने से बची
- फोटो : अमर उजाला
मामला ऊपर तक पहुंचा तो प्रशासन ने नाव संचालन पर रोक लगा दी है। लेखपाल ने जिला प्रशासन को यमुना में नाव की जगह स्टीमर के संचालन की रिपोर्ट भेजी है। किशनपुर घाट से दांदो घाट के लिए चार सरकारी नावें संचालित होती हैं।
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ओवरलोड नाव पलटने से बची
- फोटो : अमर उजाला
जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग और किशनपुर थानाध्यक्ष पंधारी सरोज को दे रखी है। इन लोगों की देखरेख में ही नावों का संचालन हो रहा है। नियमानुसार, एक नाव में 20 यात्री व आठ बाइकें लादी जा सकती हैं। लेकिन नाविक ओवरलोड नाव ही ले जाते हैं, वह भी पुलिस के सामने। पीडब्ल्यूडी विभाग तो कभी देखता ही नहीं कि नाविक क्या कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ओवरलोडिंग के पीछे सुविधा शुल्क का खेल चलता है।
जलस्तर का निरीक्षण करने पहुंचे बाढ़ चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह और लेखपाल प्रदीप कुमार
- फोटो : अमर उजाला
उधर, पूरा मामला डीएम संजीव सिंह तक पहुंचा तो एसडीएम खागा प्रहलाद सिंह ने तुरंत लोक निर्माण विभाग एक्सईएन और किशनपुर थानाध्यक्ष को पत्र जारी कर दिया कि तुरंत नावों के संचालन पर रोक लगाएं। अगर कोई हादसा होता है तो जिम्मेदारी आपके विभाग की ही होगी। इधर पत्र मिलते ही किशनपुर थानाध्यक्ष ने नाव के संचालन को रोक दिया।
मामले की जानकारी हुई है। बड़ा हादसा बचा है। नाव संचालन का काम पीडब्ल्यूडी को मिला है। एक्सईएन, एई पीडब्ल्यूडी, थानाध्यक्ष किशनपुर को तीनों को पत्र लिखकर आगाह किया गया है कि नाव का संचालन तत्काल रोका जाए। अगर कोई हादसा होता है तो संबंधित विभाग जिम्मेदार होगा। - प्रहलाद सिंह, एसडीएम खागा
एसडीएम खागा का पत्र मिल गया है। सरकारी नावों के संचालन को रोकने के लिए कहा गया था। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अफसरों से बात करके नावों का संचालन रोक दिया है। - पंधारी सरोज, थानाध्यक्ष किशनपुर
किशनपुर घाट से दांदो (बांदा) को चलने वाली सरकारी नाव को बंद कर स्टीमर चलाने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी है। बाढ़ के दौरान यमुना में नाव चलाना खतरे से खाली नहीं है। - प्रदीप कुमार, लेखपाल