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तानों से परेशान होकर खत्म की अजब प्रेम की गजब कहानी, रिंकी की शादी से लेकर पति की हत्या तक की दर्दभरी दास्तां

Sun, 30 Aug 2020 02:17 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
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महिला सिपाही के पति की धारदार हथियार से हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
उरई में प्रेम विवाह के विरोध में गुरुवार रात महिला सिपाही रिंकी के पति एलएलबी छात्र मनीष की प्रेम कहानी के दुखद अंत की वजह ग्रामीणों के ताने बने। दोनों गौसपुर गांव में पड़ोसी थे बचपन से साथ स्कूल गए। रिंकी को सिपाही बनाने के लिए मनीष ने भी मेहनत की। दोनों ने बड़े अरमानों से नई दुनिया बसाई थी।
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गौसपुर गांव में सिपाही के हत्यारोपी पिता के घर लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
दो साल पहले प्रेम विवाह किया। लेकिन गांव में रिंकी के पिता और भाइयों को ग्रामीण उनके प्रेम विवाह पर ताना देते रहे। धीरे-धीरे उनमें गुस्सा बढ़ता चला गया। जिसने एक जघन्य अपराध को जन्म दिया। कल्यानपुर थाने के गौसपुर गांव की रहने वाली रिंकी सिंह राजपूत उरई के अभियोजन कार्यालय में तैनात है।
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सिपाही के पति की हत्या - फोटो : अमर उजाला
उसके पति मनीष (24) की रिंकी के पिता प्रेम सिंह, भाई अंकित व  मामा देशराज निवासी गौसपुर कल्यानपुर ने गुरुवार रात उरई के शिवपुर में घर में घुसकर हत्या कर दी थी। बेटी के पति को चाकू से गोदकर मारने के बाद तीनों को उरई पुलिस ने जेल भेज दिया। शव आने के बाद परिजनों ने शुक्रवार को ही गंगा घाट किनारे अंतिम संस्कार किया।

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महिला सिपाही के पति की धारदार हथियार से हत्या - फोटो : अमर उजाला
रात में उरई पुलिस हत्यारोपियों के घर पहुंची तो उसे ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद से पूरा परिवार लापता है। कहां गए हैं इसकी भी जानकारी किसी को नहीं है। हत्यारोपियों के परिवार में किसी के न मिलने पर पुलिस रात में ही लौट गई।
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गौसपुर गांव में बदहवास हालत में सिपाही रिंकी - फोटो : अमर उजाला
उधर, मनीष के पिता विश्वनाथ सिंह लोधी ने बताया कि बेटा मनीष बीसीए करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। उसका दूसरा साल था। दोनों परिवार पड़ोसी हैं। मनीष और रिंकी एक साथ बचपन से पढ़ने आते जाते थे। गोपालगंज में कोचिंग साथ करते थे। उनके बीच प्रेम प्रसंग था। रिंकी के परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है।
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गौसपुर गांव में बदहवास हालत में सिपाही रिंकी - फोटो : अमर उजाला
तभी मनीष उसकी पढ़ाई लिखाई, नौकरी के फार्म भरने का खर्च उठाता था। लड़की के मां बाप को कोई एतराज नहीं था। तीन साल पहले रिंकी की नौकरी लगी। तभी रिंकी के घरवालों ने दूसरी जगह शादी तय कर दी। उनके संबंध पर आपत्ति जताने लगे थे। तीन साल पहले पहली पोस्टिंग जालौन के रामपुरा थाने में हुई थी।
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सिपाही के हत्यारोपी पिता के घर लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
करीब दो साल पहले जालौन जिले में रिंकी और मनीष ने मंदिर में विवाह किया था और एक साथ रहने लगे थे। रिंकी से मिलने उसका भाई अंकित आता जाता था। इधर, अभियोजन कार्यालय में रिंकी की तैनाती थी। उसने एक माह पहले घर भी बदल दिया था। अंकित एक हफ्ते पहले पूछताछ कर रिंकी के घर पहुंचा था। बहन ने भाई को कपड़े और खर्च देकर भेज दिया था।

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जांच करती टीम - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद ही यहां से अंकित, पिता और मामा के साथ मनीष की हत्या को पहुंचे थे। यह लोग हत्या के लिए बिंदकी से चाकू खरीद ले गए थे। रिंकी का एक छह माह का बच्चा शिवाय है। इनकी शादी में रिंकी की मां चंदा देवी ही उरई पहुंची थी। मनीष के पिता विश्वनाथ ने बताया कि पड़ोसी के विरोध की वजह से वह लोग शामिल नहीं हुए थे।
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महिला सिपाही के पति की धारदार हथियार से हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
रिंकी अपने ससुराल रुकी
रिंकी पति के शव के साथ शुक्रवार को गांव गौसपुर आई। वह ससुराल में रुकी। उसकी हालत ठीक नहीं है। शुक्रवार रात उरई पुलिस आरोपियों के घर पहुंची लेकिन घर में ताला लगा होने से उसे बैरंग लौटना पड़ा।
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