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कुंभ के दौरान 15 दिसंबर से 5 मार्च तक चर्म उद्योगों की पूर्ण बंदी का आदेश, उद्यमियों के उड़े होश

Sat, 30 Jun 2018 10:21 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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लोन नदी में गिरता दहीचौकी औद्योगिक क्षेत्र का नाला - फोटो : अमर उजाला
उन्नावः इस बार प्रदेश सरकार ने कुंभ मेला के दौरान चर्म उद्योगों खासकर टेनरियों को तीन महीने तक पूर्ण बंदी के निर्देश दिए हैं। 15 दिसंबर से 5 मार्च बंदी के आदेश से चर्म उद्योग से जुड़े उद्यमियों में हड़कंप है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उत्प्रवाह वाले उद्योगों को नोटिस जारी किए हैं।

 
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माघ मेला के दौरान गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और सरकार की सख्ती के बाद यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड) ने भी सख्त रुख अपनाया है। जिले औद्योगिक क्षेत्र बंथर और दहीचौकी में कुल 38 चर्म इकाईयां हैं। इनसे प्रतिदिन पचास लाख लीटर गंदा पानी निकलता है। उत्प्रवाह कोे सीईटीपी (कामन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) से कुछ साफ करके नालों के माध्यम से गंगा नदी में बहाया जाता है।

 
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा नदी में गिरने वाले नालों को बंद करने के लिए उन्नाव और गंगाघाट नगर पालिका को नोटिस भेजा है। मालूम हो कि उन्नाव शहर का दूषित पानी और सीवेज लोनी ड्रेन और शराब मिल नाला से होते हुए गंगा नदी में गिरते हैं। वहीं गंगाघाट (शुक्लागंज) का मुख्य नाला भी गंगा नदी में गिरता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उन्नाव और गंगाघाट नगर पालिका ईओ को नोटिस भेजकर 15 दिसंबर तक गंगा में गिर रहे नालों को बंद करने को कहा है।

 

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सीईटीपी अपग्रेड न होने से लग रहीं बंदिशें
जिले में बंथर और दहीचौकी औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित दोनों सीईटीपी एनजीटी के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। दोनों को मानकों के मुताबिक अपग्रेड करने के लिए 150 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। उद्यमी शासन से आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं इससे अपग्रेडेशन का काम अटका है। 

 
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टेनरी बंद, अन्य फैक्ट्रियों की होगी निगरानी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि 16 मई को हुई शासन स्तर की बैठक में गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तीन महीने तक टेनरियों को बंद करने और उत्प्रवाह वाले अन्य उद्योंगों जैसे फूड प्रोसेसिंग, कपड़ा अन्य उद्योग जिनसे दूषित उत्प्रवाह किया जाता है। सभी पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।  उन्होंने बताया कि टेनरियों सहित उत्प्रवाह करने वाले उद्यमियों को नोटिस भेजकर जानकारी दे दी गई है।

 
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बदहाल चर्म उद्योग बर्बाद करेगी बंदी, ताज आलम
उत्तर प्रदेश चर्म उद्योग एसोसिएशन के चेयरमैन ताज आलम ने सरकार के इस फैसले को चर्म उद्योग के लिए आत्मघाती बताया है। उन्होंने बताया कि पहले माघ मेला के दौरान शाही स्नान से 24-36 घंटे पहले फैक्ट्रियों का पानी बहाने से रोका जाता था। पिछले माघ मेला में उत्प्रवाह आधा करा दिया गया था इससे इसे उत्पादन भी आधा हो गया था लेकिन अब सरकार तीन महीने तक टेनरियों को बंद कराने की तैयारी में है। इससे उन्नाव और कानपुर का चर्म उद्योग चौपट हो जाएगा। ताज अलम ने बताया कि अगले सप्ताह वाणिज्य मंत्री कानपुर आ रहे हैं उनसे इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अगर जरूरत हुई तो मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे।
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