जुलाई 2016 में कानपुर आये बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ओमपुरी ने अपनी दिल की बात जुबां से कह दी थी। उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार और अन्य मुद्दों पर खुलकर विरोध करने की हिंदुस्तान की जनता से अपील की थी। ओमपुरी ने यह भी कहा था कि मैं राजनीति में आने को तैयार हूं। लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सफाई के प्रति जागरूक होना होगा। जरा सोचिए कि पानी नहीं होगा तो शौचालय कैसे साफ रहेंगे और म्युनिसिपलिटी के लोग कूड़ा नहीं उठाएंगे तो गंदगी तो जस की तस रहेगी। ओमपुरी 17 जुलाई 2016 को कानपुर में आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान आए हुए थे।
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पाकिस्तान में भी ओमपुरी के फैन्स
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पाकिस्तान के मुद्दे पर उन्होंने कानपुर में आयोजित फिल्म फेस्टिवल के दौरान कहा कि मैं दो बार लाहौर और तीन बार कराची गया। पाकिस्तान में लोग मेरी फिल्में देखते हैं और मुझे पसंद करते हैं। मुझे भी वे लोग खराब नहीं लगे। हां शरारती तत्व तो दोनों तरफ हैं, भारत में लाठी-डंडे वाले हैं तो पाकिस्तान में आरडीएक्स और एके-57 वाले। इस्लाम को दकियानूसी तरीके से देखना ठीक नहीं है। कुछ लोग ही इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं।
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ओमपुरी ने नेताओं को दिया था संदेश
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कानपुर में ओमरपुरी ने कहा था कि बड़ी ताकतों के फेर में जो लोग आज लड़ रहे हैं, उन्हें रोजगार सृजित करने को फैक्ट्री लगानी चाहिए या खेती करानी चाहिए इससे देश का भविष्य और बेहतर होगा। युवाओं को रोजगार मिलेंगे बिगड़ रहे युवा हथियार छोड़कर अच्छी जिंदगी जी सकेंगे।
मशहूर अभिनेता ओमपुरी अपने 66वें जन्मदिन पर आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिक नितिन यादव के इटावा नगला बारी गांव में जाकर फूट-फूटकर रोये थे। वहां वह शहीद नितिन के परिजनों से मिले और उनके माता-पिता को गले लगाया और पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। वह वहां तीन घंटे तक गांव के लोगों के साथ रहे। उन्होंने पहले ताे नितिन की तस्वीर को देखा और और कई मिनट तक देखते ही रहे। ओमपुरी ने इस मौके पर जय जवान, जय किसान का नारा भी बुलंद किया।