चौबेपुर बिल्हौर के सुनौढा गांव में मंगलवार देर रात चुनावी रंजिश के चलते पूर्व ग्राम प्रधान के बड़े भाई की पीट-पीटकर व धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। देररात वह निकट ही फतेहपुर चौराहा से पैदल ही घर लौट रहे थे। सुबह गांव से थोड़ा पहले बंदीमाता मार्ग पर सड़क किनारे खून से लथपथ शव पड़ा देख ग्रामीणों ने मामले की जानकारी मृतक के घर वालों को दी। इसके बाद घटना की सूचना थाना पुलिस को दी गई।
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घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटना में अधेड़ की मौत होने की बात कह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, पर मृतक के परिजनों द्वारा विरोध जताने और घटना की जांच कराने की मांग पर फॉरेंसिक टीम मौके पर बुलाई गई। जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के छोटे भाई की तहरीर पर पुलिस ने सुनौढ़ा ग्राम पंचायत के पूर्व ग्राम प्रधान व उनके पुत्र समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू की है।
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घटना की जांच करने घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि सुनौढा गांव के पूर्व प्रधान सत्येंद्र बहादुर सिंह के बड़े भाई राजेंद्र सिंह (55) गांव में ही रहकर खेती किसानी करते थे। परिवार में पत्नी विद्या देवी के अलावा 5 पुत्रियां हैं, जिनमें तीन पुत्रियों कंचन, गुंजन और कल्याणी की शादी हो चुकी है, जबकि शिवानी (16) और कल्पना (13) अभी पढ़ाई कर रही हैं। बताया गया है कि मंगलवार को क्षेत्र के ही चंद्रिका गांव निवासी कंचन के बुलावे पर राजेंद्र ने पत्नी विद्या देवी को शाम करीब 4 बजे फतेहपुर चौराहे पर आकर टेंपो से रवाना किया था।
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मृतक के परिजन एवं ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद रात में घर वापस नहीं पहुंचा। सुबह गांव से थोड़ा पहले बंदीमाता मार्ग पर सड़क किनारे खून से लथपथ राजेंद्र का शव पड़ा देख ग्रामीण ने मामले की जानकारी उनके परिजनों को दी। सूचना पर थाना प्रभारी सुखराम रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना को दुर्घटना बता शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजनें का प्रयास किया, पर घरवालों ने हत्या किए जाने की बात कह शव को मौके से उठाने नहीं दिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस पूछताछ में मृतक के भाई पूर्व प्रधान सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि गांव के शिवमंगल सिंह आदि से उनकी पुरानी रंजिश चली आ रही है। बताया कि विगत पंचायत चुनाव में पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीट होने पर उन्होंने गांव के राम मंगल को चुनाव लड़ाया था, जबकि शिवमंगल सिंह द्वारा चंद्र प्रकाश को चुनाव मैदान में उतारा गया था। चुनाव में उनके कैंडिडेट की जीत हुई थी। इसके पूर्व भी पंचायत चुनावों में दोनों के बीच भारी प्रतिद्वंदता रही है। छोटे भाई हर्षवर्धन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व प्रधान शिवमंगल सिंह उनके बेटे संजय सिंह और इनके भाइयों कुंवर सिंह व नरेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच कराई जा रही है।