नकली देशी घी बनाने का खुलासा होने के बाद कानपुर में घी को लेकर कई तरह की आशंका हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर उनके द्वारा खरीदा गया देशी घी असली है या नकली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसका तरीका बताया है। आप खुद घर पर घी की शुद्धता परख सकते हैं।
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डेमो पिक
संगम फूड प्रोडक्ट में रिफाइंड और वनस्पति में सेंट मिलाकर नकली देशी घी बनाने का खुलासा हुआ था। एक कुंतल रिफाइंड और वनस्पति को मिलाने के बाद खौलाकर सेंट की दस बूंद डालकर एक कुंतल तथाकथित देशी घी बनाया जाता था। अभिहित अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि घी की शुद्धता जानने के लिए एक छोटा सा टेस्ट करना होगा।
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दो या तीन मिलीग्राम घी को पानी के साथ गरम कर लें। इसके बाद उसे ठंडा करें। घोल में दो या तीन ड्रॉप टिंचर डालें। अगर शुद्ध घी नहीं है तो घोल नीले रंग का हो जाएगा। टिंचर मेडिकल स्टोर से मिल जाएगा। इसी तरह खोये की शुद्धता परख सकते हैं। एक या दो ग्राम खोया लेकर पानी के साथ गरम कर लें। फिर ठंडा रखने के बाद दो या तीन ड्रॉप टिंचर डाल दें। अगर घोल का रंग नीला हो जाए तो समझे खोया में मिलावट है।
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सेंट मिलाकर तैयार कर रहे नकली तेल
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पर शिकायतें आईं हैं कि घी की तरह सेंट मिलाकर नकली सरसों का तेल भी तैयार किया जा रहा है। सटीक मुखबिरी पर ऐसे प्रतिष्ठानों पर छापे मारकर नमूने भरने की तैयारी है।
बिना रिफाइंड के राइस ब्रान ऑयल में बटर यलो कलर और सेंट मिलाकर नकली सरसों का तेल तैयार हो रहा है। बटर यलो से सफेद राइस ब्रान आयल में पीला रंग आ जाता है और सेंट से सरसों के तेल जैसी गंध आती है। यह तेल कड़ाही में डालने पर तेज झाग और आंखों में लगने वाली झार आती है।