फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉरपोरेट टैक्स में बड़ी गिरावट, अब तक ये वजह आई सामने

Wed, 06 Feb 2019 10:34 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
वित्तीय अस्थिरता के दौर में कानपुर शहर की कंपनियों का अर्थशास्त्र गड़बड़ा गया है। कंपनियां आयकर विभाग में अपना टैक्स समय पर जमा नहीं कर पा रही हैं। इससे शहर की कंपनियों से जमा होने वाले कॉरपोरेट टैक्स में बड़ी गिरावट आई है।
विज्ञापन


नव नियुक्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने इस पर चिंता जताई है। सोमवार और मंगलवार को उन्होंने कारपोरेट मामलों को देखने वाले अफसरों के साथ लंबी बैठक की। उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि वे इस बात की पड़ताल करें कि यह टैक्स चोरी की वजह से हो रहा है अथवा कारोबार में वाकई गिरावट आई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
कानपुर में आयकर विभाग का एक विंग ऐसा है जो सिर्फ कंपनियों और फर्मों के टैक्स पर नजर रखता है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में आयकर विभाग को 650 करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स वसूलने का लक्ष्य दिया गया है।

इस वर्ष एडवांस टैक्स जमा करने की तीन तिमाही बीत चुकी हैं, लेकिन बड़ी संख्या में कंपनियों की ओर से एडवांस टैक्स जमा नहीं किया गया। यही वजह रही कि अब तक करीब 300 करोड़ रुपये ही टैक्स जमा हो सका है। यह वर्ष भर के लक्ष्य के अनुपात के हिसाब से 50 फीसदी से अधिक की कमी है।
विज्ञापन

प्रतीकात्मक तस्वीर
तीन तिमाही में टैक्स की गिरावट को देखते हुए आयकर विभाग अब सतर्क हुआ है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने उन सभी कंपनियों की सूची तलब की है जिन्होंने जो बीते तीन तिमाही से एडवांस टैक्स जमा नहीं कर रही हैं।

विंग के अफसरों से पड़ताल करने को कहा गया है कि टैक्स न जमा करने की वजह कारोबार में गिरावट है अथवा वाकई टैक्स चोरी है। टैक्स चोरी पाए जाने पर जुर्माना के साथ रकम जमा कराई जाएगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें