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बगैर लाइसेंस कारोबार किया तो जा सकते हैं जेल, इन नियमों को जानना बेहद जरूरी

Fri, 15 Feb 2019 03:31 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बगैर लाइसेंस के कारोबार करने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने तीन मुकदमे दाखिल किए हैं। कानपुर के मंगला विहार-2 में ब्लू मून रेस्टोरेंट के मालिक पुनीत जुनेजा, पटेल नगर में जेएस इंटरप्राइजेज के मालिक भगवत प्रसाद अवस्थी और गांधी ग्राम स्थित ओम मेडिकल स्टोर के मालिक विवेक कुमार कटियार व विक्रेता सुशील कुमार के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया गया है। तीनों जगहों पर बगैर लाइसेंस के कारोबार हो रहा था।
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अभिहित अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मुकदमे एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में दाखिल किए गए हैं। इस तरह के मामलों में छह महीने के सजा और अधिकतम पांच लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। 
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ऑनलाइन आवेदन कर बनवा सकते हैं लाइसेंस
किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ का कारोबार करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लाइसेंस लेना या पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। 12 लाख रुपये तक सालाना टर्न ओवर पर पंजीकरण और इससे ज्यादा पर लाइसेंस जारी होता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की वेबसाइट fssai.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर लाइसेंस बनवा सकते हैं।

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लाइसेंस फीस
- 12 लाख रुपये तक सालाना टर्न ओवर पर सौ रुपये वार्षिक फीस पड़ेगी।
- थोक और फुटकर बिक्री पर 12 लाख रुपये वार्षिक से ज्यादा टर्न ओवर पर दो हजार रुपये सालाना।
- किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ के प्रतिदिन एक टन (एक हजार किलोग्राम) उत्पादन पर तीन हजार रुपये वार्षिक।
- किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ के प्रतिदिन दो टन उत्पादन पर पांच हजार रुपये वार्षिक।
 
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ये कागज लगाने होंगे
लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले को दो फोटो, निवास का प्रूफ जैसे वोटर आईडी, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, संबंधित लाइसेंस के लिए कोषागार में जमा फीस की रसीद लगानी होगी। अगर ठेलिया लगाने वाला है या सब्जी मंडी आदि में जमीन पर सब्जी लगाने वाला है तो उसे स्थान बताते हुए स्वयं प्रमाणित अर्जी देनी होगी। अगर कोई खाद्य उत्पादन करने की फैक्ट्री या अन्य तरह से कहीं उत्पादन करता है तो उसे वहां की जमीन के मालिकाना हक, किरायेदारी के सबूत देने होंगे।
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