रेलवे ने 'जितना नशा, उतनी सजा' का फार्मूला तैयार किया है। ये फार्मूला लोको पायलटों पर लागू होगा। लोको पायलटों पर जितना नशा, उतनी सजा यानी ड्यूटी के दौरान निर्धारित मात्रा तक शराब पीकर ट्रेन चलाने वाले पायलट की नौकरी नहीं जाएगी। पहले शराब की पुष्टि होने पर ही सेवा समाप्त कर दी जाती थी। रेलवे बोर्ड ने यह निर्णय पायलट और सहायक पायलटों की भारी कमी के चलते लिया है।
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