यूपी के कानपुर देहात के पुखरायां में होली के दिन नौसेना के पेटी ऑफिसर, उनकी पत्नी और पुत्र के शव आते ही कस्बे के लक्ष्मीबाई नगर में कोहराम मच गया। त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुखरायां के लक्ष्मीबाईनगर निवासी शिवदयाल कौशल का सबसे छोटा पुत्र अमित कौशल(35) नेवी में पेटी आफीसर के पद पर तैनात कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के कारवार कस्बे के पास कैंट में तैनाती थी। वह सरकारी आवास में अपनी पत्नी ज्योति(32) और पुत्र स्वास्तिक(2) के साथ रहता था। मंगलवार की शाम वह बाजार पत्नी और बच्चे को बाइक से लेकर गया था। वहां पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर टक्कर मारता हुआ पलट गया। तीनों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी।
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सलामी देते सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
इसकी सूचना नौसेना अधिकारी ने अमित के बड़े भाई मनोज को फोन पर दी थी। पिता शिवदयाल और माता को माता पुष्पा को ठेस न लगे इसके लिए उनको केवल दुर्घटना की बात बताकर बड़े भाई मनोज और आरपीएफ में तैनात प्रमोद कर्नाटक रवाना हो गए थे। शुक्रवार को तीनों शवों को ताबूतों में लखनऊ कैंट से लाया गया। रास्ते में मनोज ने माता-पिता को मौत की सूचना दी। सूचना मिलते ही कस्बे में होली का हुड़दंग थम गया। लक्ष्मीबाई नगर स्थित अमित के आवास कस्बे के अलावा आसपास गांव के लोगों की भीड़ जमा हो गई। शव पहुंचते ही सभी सभी की आंखें नम हो गई। विधायक विनोद कटियार और नगरपालिका अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार ने श्रद्धांजलि देकर शोक जताया। सेना के जवानों सलामी दी।
इसके बाद कस्बा मेन रोड से शव यात्रा निकाल कर कालपी के यमुना घाट ले जाया गया, जहां 14 राउंड फायर की सलामी देकर शव का दाह संस्कार कराया गया। परिजनों को मौजूद लोगों ने ढांढस बधाया। स्थानीय प्रशासन के नाम पर कस्बा चौकी इंचार्ज रोहित त्रिपाठी ने पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहकर सलामी दी। वहीं अमित के पिता शिवदयाल और मां पुष्पा गम में बेसुध रहे।