हरदोई और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के नवनिर्वाचित सांसदों को यूं ही ऐतिहासिक जीत हासिल नहीं हो गई। इसमें एक पूर्व सांसद की मेहनत और रणनीति को नकारा नहीं जा सकता। यूं तो इस नेता के बयानों ने चुनाव के दौरान सियासी गलियारों में जमकर हलचल मचाई थी लेकिन अपना रसूख साबित करने में इसने कोई कसर नहीं छोड़ी। अपनी बात को बेबाकी से कहने वाले इस नेता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जिले की जनता के दिलों पर आज भी ये राज करता है। लेकिन हैरानी वाली बात ये है कि भाजपा ने इस नेता की जिस बात को मानते हुए दोनों प्रत्याशियों पर दांव लगाया उन्होंने जीत के बाद इस दिग्गज का नाम तक न लिया। अब जिले में ये मामला कितना तूल पकड़ेगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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