कानपुर में किदवई नगर स्थित महिला महाविद्यालय में श्री रामचरित मानस की 443वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय अंतर महाविद्यालयीय कैनवास पर मानस प्रतियोगिता का समापन हो गया। तीन दिवसीय प्रतियोगिता में मुस्लिम छात्र-छात्राओं ने मानस पर आधारित पेंटिंग बनाई।
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तुलसीदास का चित्र बनाती छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
तंजीम रहमान की संत तुलसीदास, वरीशा अंसारी की सीता हरण, साहिबा बानो की राम-गुरु मिलन, अलीशा अनवर हुसैन की पुष्प वाटिका में राम-सीता मिलन की पेंटिंग आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा अनीता ने केवट मिलन, अदिति पाल ने अशोक वाटिका, सौम्या वर्मा ने शबरी प्रसंग, निशा ने सीताजी की ग्रामवासी स्त्रियों से भेंट करते हुए पेंटिंग बनाई।
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पेंटिंग बनाती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
प्रियांशी वाजपेयी ने संजीवनी बूटी, वैशाली मौर्य ने लंका दहन, आकांक्षा सिंह ने सीता स्वयंवर, शिवांगी दुबे ने अशोक वाटिका, ज्योति कुमारी ने बालकांड आंचल सिंह ने चित्रकूट भवन, उमेश ने केवट को उपहार देते हुए, अमित ने भरत मिलाप, दीपक बाजपेई ने राम-केवट का दृश्य कैनवास पर उकेरा।
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पेंटिंग बनाती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
दस कॉलेजों के 18 छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया था। इससे पूर्व मुख्य अतिथि डॉ. मधु अस्थाना, प्राचार्या डॉ बीआर अग्रवाल, सीए दीप कुमार मिश्र व कुसुम अवस्थी ने श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय शिखर संघ के सचिव योगेश श्रीवास्तव व मुख्य अतिथि मधु अस्थाना ने भी विचार रखे।
संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. दीपाली श्रीवास्तव के निर्देशन में छात्राओं ने सरस्वती वंदना पेश की। विजेताओं की घोषणा दो दिसंबर को एएनडी कॉलेज में मेगा फाइनल में होगी। यहां पर आशा गुप्ता, अभिलाषा शुक्ला, डॉ. दीप्ति पांडेय, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी व डॉ. वंदना शर्मा आदि मौजूद थे।