यूपी के घाटमपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आप भावुक हो जाएंगे। यहां तहसील क्षेत्र के मुइया गांव में बीते गुरुवार की देर शाम बेटी की शादी रस्मों में उस वक्त व्यवधान खड़ा हो गया, जब द्वारचार के समय दूल्हन की मां को अचानक दौरा पड़ा और वह गश खाकर गिर पड़ी।
आनन-फानन उसे डाक्टर को दिखाया गया लेकिन, डाक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। गांववालों ने सलाह-मशविरा करके मां के शव को गांव के बाहर पंचायत भवन के बरामदे में रखवाने के बाद घर पर शादी की रस्में पूरी करवाईं।
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घर के बाहर मौजूद परिवार को लोग
- फोटो : अमर उजाला
मुइया गांव निवासी गुसाईंलाल प्रजापति गांव का चौकीदार है। उसने अपनी बेटी मंजू की शादी ग्राम तिलसहरी (महराजपुर) कानपुर निवासी जीत कुमार प्रजापति के साथ की थी। बीते गुरुवार को बारात आई। देर शाम द्वारचार की रस्में शुरू हुईं। इसी दौरान मंजू की मां शांति देवी (55) को अचानक दौरा पड़ा और वह गिर गई। डाक्टर के पास ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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मृतक का बेटा
- फोटो : अमर उजाला
इधर, स्टेज पर वर-वधू के जयमाल की रस्म हो रही थी। गांववालों ने किसी को शांति की मौत की खबर दिए बिना विवाह की रस्में जारी रखने की योजना बनाई। जिसमें गांव के कुछ लोगों ने मुख्य भूमिका निभाई। गांव के ओमनरायन तिवारी, छेदालाल प्रजापति, विपिन तिवारी, मेवालाल, कल्लू मिश्रा और रामप्रसाद ने बताया कि उन लोगों ने गांववालों के साथ अपनी देखरेख में शादी की रस्मों को विधि-विधान पूर्वक संपन्न कराया और शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे बारात विदा कर दी गई।
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घर में रखा शादी का सामान
- फोटो : अमर उजाला
बारात विदा होने के बाद दोपहर में शांति देवी की अंत्येष्टि की तैयारी शुरू की गई और मूसानगर (कानपुर देहात) के यमुना घाट पर उसका दाह-संस्कार किया गया। शनिवार की सुबह मुइया गांव में गोसाईंलाल प्रजापति के घर मातम दिखा।
जिस आंगन में बेटी की शादी का मंडप गड़ा था वहां पर सन्नाटा पसरा हुआ था। शादी में आई महिलाएं और रिश्तेदार भी अपने घर चले गए थे। मकान के दरवाजे के बाहर गोसाईंलाल के परिवार के पुरुष सदस्य एक जगह बैठे दिखे। जबकि, उसका बेटा बृजेश प्रजापति भी एक कोने में गुमशुम खड़ा नजर आया।