फतेहपुर जिले में मलवां थानाक्षेत्र के एक गांव में प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका की गला दबाकर हत्या कर दी गई। परिजनों ने गैंगरेप का आरोप लगाया और पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले जाने से रोकने पर पुलिस से भिड़ गए। परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा कर जमकर नारेबाजी की।
मुकदमे में दुष्कर्म की धारा न जोड़ने पर नाराजगी जताई। पीएसी और भारी पुलिस फोर्स ने पोस्टमार्टम हाउस को छावनी में तब्दील कर दिया। करीब आधे घंटे के हंगामे के बाद पुलिस ने शव को गांव ले जाने की स्वीकृति दी तब लोग शांत हुए। गांव में भी परिजनों ने मुआवजा आदि मांगों को लेकर फिर हंगामा किया।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद एडीएम और एएसपी ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया तब परिजन शांत हुए। पिता की तहरीर पर पुलिस ने एक नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि न होने पर स्लाइड बनाई गई है।
शिक्षिका और आरोपी के कपड़ों के साथ स्लाइड फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेजी गई है। बीए तृतीय वर्ष की छात्रा और एक निजी स्कूल की शिक्षिका (20) बुधवार शाम घर से शौच के लिए निकली थी। रात करीब आठ बजे तक लौटने पर परिजनों ने खोजना शुरू किया। देर रात करीब साढ़े दस बजे शिक्षिका का शव खेत से बरामद हुआ।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कपड़े अस्त व्यस्त थे और कपड़ों पर खून के निशान थे। सूचना पर मलवां थानाप्रभारी शेर सिंह राजपूत फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी पर डीएम संजीव सिंह और एसपी प्रशांत वर्मा भी देर रात गांव पहुंच गए और परिजनों से पूछताछ शुरू की। परिजनों ने रात में ही गैंगरेप का आरोप लगाया शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने से रोक दिया।
तड़के करीब चार बजे तक डीएम और एसपी परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे। बाद में एक युवक को हिरासत में लेने के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को राजी हुए। पोस्टमार्टम के बाद जब पुलिस ने शव को गांव ले जाने से रोका तो परिजन भड़क गए और पुलिस से भिड़ गए।
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दुष्कर्म का आरोप लगा हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
करीब आधे घंटे तक सीओ सदर संजय सिंह और सीओ जाफरगंज संजीव कुमार सिंह ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात न बनने पर शव गांव ले जाने की स्वीकृति दे दी। परिजन शव को गांव ले गए और वहां भी हंगामा करने लगे।
परिजन मुकदमे में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाने, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजा दिलाने की मांग पूरी होने के बाद ही अंतिम संस्कार करने पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे पूर्व सपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयालु और कांग्रेस नेता पूर्व सांसद राकेश सचान के साथ एडीएम और एएसपी ने परिजनों को समझाया। एडीएम ने मांग पूरी करने का लिखित आश्वासन दिया तो दोपहर करीब तीन बजे शव को आदमपुर घाट ले गए और अंतिम संस्कार किया।
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दुष्कर्म का आरोप लगा हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
पूरे घटनाक्रम के बीच पोस्टमार्टम हाउस से लेकर गांव छावनी में तब्दील रहा। गांव में पीएसी को तैनात रखा गया है। एसपी ने बताया कि आरोपी पड़ोसी गांव मकनपुर का रहने वाला आदित्य रैदास पुत्र दिनेश कुमार उर्फ राजू है जिसे गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।
घटना में अन्य लोगों के शामिल होने की बात परिजन कह रहे हैं, इस पर जांच चल रही है। पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। स्लाइड बनाई गई है। जिसे मृतका और आरोपी के कपड़ों के साथ फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म की पुष्टि होगी। पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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दुष्कर्म का आरोप लगा हंगामा
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पहुंचे सपा और कांग्रेसी नेता, छावनी बना गांव
घटना के बाद गांव में करीब पांच ट्रक पीएसी के अलावा मलवां, कल्यानपुर, औंग, बिंदकी, थरियांव, खागा, हुसैनगंज, गाजीपुर की पुलिस फोर्स को गांव में तैनात कर छावनी में तब्दील कर दिया गया। शव गांव पहुंचते ही सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयालु और कांग्रेस नेता पूर्व सांसद राकेश सचान मृतका के घर पहुंच गए। एडीएम पप्पू गुप्ता, एएसपी राजेश कुमार फोर्स के साथ गांव में ही डटे रहे। रात 10 बजे से गांव में डटे पुलिसकर्मी गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे तक मौजूद रहे। पीएसी अभी भी तैनात रखी गई है।
विपक्षी बोले...भाजपा शासन में बेटियां सुरक्षित नहीं
शिक्षिका की हत्या और दुष्कर्म की आशंका ने समूचे जिले को झकझोर कर रख दिया। कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद राकेश सचान ने गांव पहुंचकर घटना की तगड़ी निंदा की। कहा कि भाजपा के शासन में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल उर्फ दयालू भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सपा नेता ने भी कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उधर, हाथरस कांड के मद्देनजर एलआईयू को सियासी चेहरों पर नजर रखते देखा गया। जो पल पल की जानकारी के लिए गोपनीय मशक्कत करते देखे गए।
पैनल से हुआ पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी भी हुई
डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल ने किया। पैनल में डा. आदर्श, डॉ. संतोष और डॉ. सतेंद्र मोहन शामिल रहे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पुलिस ने एंबुलेंस से नहीं उतरने दिया शव
घटना की नजाकत जानकर पुलिस ने शव को गांव तो भेज दिया लेकिन एंबुलेंस से नीचे नहीं उतरने दिया। शव एंबुलेंस में ही करीब तीन घंटे तक रखा रहा। बाद में जब मांगे पूरी हो गईं तो शव को एंबुलेंस से ही आदमपुर घाट भेज दिया गया।