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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी: 'तीसरी आंख' ने बदल दी जेल की दुनिया, कैमरे ने बंद कीं मौज-मस्ती

Sun, 11 Apr 2021 09:16 AM IST
शिखा पांडेय रशीद सिद्दीकी, अमर उजाला, बांदा
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मुख्तार अंसारी की वापसी के बाद बांदा जेल में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
पिछले तीन दिनों से बांदा जेल का नजारा ही बदला-बदला सा नजर आ रहा है। जेल के अंदर स्थित 16 बैरकों और उनके अहाते पिछले तीन दिनों से खामोशी और सन्नाटे में हैं। जेल के अहाते तो सुनसान पड़े ही हैं, इनमें बंदियों की चहलकदमी भी नदारद है। बांदा जेल की दुनिया में यह बदलाव बुधवार को सुबह से आया। इसी दिन बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की पंजाब के रोपड़ जेल से यहां पर एंट्री हुई थी।

गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के लिए पूरे जेल की जैसे काया ही पलट हो गई है। यहां बंद एक हजार से ज्यादा बंदियों की दिनचर्या भी इसके साथ बदल गई है। सुबह से देर शाम तक अहातों और गैलरियों में उनका घूमना-फिरना फिलहाल बंद है। जेल के सुरक्षा कर्मी (वार्डर) भी ड्यूटी में मौज-मस्ती से महरूम हो गए हैं।
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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी - फोटो : अमर उजाला
बंदियों से लेकर सुरक्षा कर्मियों तक को दिन-रात यह खौफ सता रहा कि हर पल वह कैमरे में कैद हो रहे हैं। सच्चाई भी यही है। जेल में 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह जेल के चप्पे-चप्पे की तस्वीरें और लाइव कवरेज कर रहे हैं। कैमरों में कैद होने वाले नजारों और दृश्यों को लखनऊ में बैठे जेल विभाग के आला अफसर और गृह मंत्रालय के बड़े अधिकारी कमांड सेंटर में स्क्रीनिंग पर सीधे देख रहे हैं।

इन इंतजामों ने पूरे जेल के अंदरूनी हिस्से को सुनसान कर दिया है। बैरकों से बंदी सिर्फ जरूरी काम से ही निर्धारित समय में निकल रहे हैं। अपनी बैरक के अहाते से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। तैनात किए गए बंदी रक्षक भी अलर्ट अवस्था में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। इन सख्तियों के चलते जेल की तमाम मौज-मस्तियां, कमान के नाम पर बंदियों से वसूली आदि पर भी काफी हद तक लगाम लग गई है।
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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी - फोटो : अमर उजाला
पंजाब से उलट है बांदा जेल का नजारा
चर्चाएं रहीं कि पंजाब के रोपड़ जेल में बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की बैरक दिन-रात गुलजार रहती थी। बंदियों के अलावा मुलाकातियों की महफिलें सजतीं थीं। मुख्तार के लिए ऐशोआराम के साजो सामान मुहैया थे। विधायकी का पूरा रुतबा था, लेकिन बांदा जेल में हालात इसके बिल्कुल उलट हैं।

प्रदेश सरकार के तल्ख तेवरों के चलते बाहुबली विधायक के लिए किसी तरह की सुविधा का नामोनिशान नहीं है। पूरा दिन और रात मुख्तार अंसारी के अलावा बैरक सुनसान ही रहती है। अन्य बंदियों की बात तो दरकिनार, इस बैरक और अहाते में लगाए गए सुरक्षाकर्मी भी अपने निर्धारित स्थलों पर डटे रहकर ड्यूटी दे रहे हैं। गैंगस्टर मुख्तार अंसारी या किसी अन्य बंदी से गपशप या दरबार लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।

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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी - फोटो : अमर उजाला
फिलहाल खुद मुख्तारी नहीं चला रहे मुख्तार
बांदा जेल में शुक्रवार को बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की बंदी के तीन दिन हो गए। जेल प्रशासन को इस बात की राहत है कि बाहुबली, डॉन और माफिया कहे जाने वाला मुख्तार अंसारी जेल के नियमों में फिलहाल कहीं आड़े नहीं आ रहा है। सबकुछ खामोश चल रहा है। अलबत्ता तरह-तरह के खानों का शौकीन बाहुबली को जेल की रोटियां और पतली दाल नहीं सुहा रही है।

शुक्रवार को भी जेल की ओर से परोसे गए भोजन को खाने से मुख्तार अंसारी ने मुंह मोड़ लिया। बताते हैं कि जेल की कैंटीन से दही, छेना और बिस्कुट आदि खरीदकर खाया। यह भी पता चला है कि मुख्तार अपने साथ रोपड़ जेल से कुछ ड्राई फ्रूट्स वगैरह लाया है। उसे ही खा रहा है। दवाएं भी मुख्तार अंसारी साथ लाया है। जेलर पीके त्रिपाठी का कहना है कि वहीं सुविधा या भोजन आदि उपलब्ध कराया जा रहा है, जो जेल मैनुअल में है।
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मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला
पंजाब से सात डिग्री ज्यादा मौसम की मार
बाहुबली मुख्तार अंसारी पर बांदा जेल में लगाई गई बंदिशों के अलावा मौसम की मार भी सहना पड़ रही है। पिछले दो सालों से वह पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। वहां बुंदेलखंड के मुकाबले तापमान काफी कम रहता है। 35 डिग्री तक के अधिकतम तापमान में कूलर आदि सुविधाओं के बीच रोपड़ जेल में रहे मुख्तार अंसारी को अब यहां आते ही 42 डिग्री पारे से सीधे जूझना पड़ रहा है। न कूलर है, न ही बैरक में एसी। ऐसे में 57 बरस की उम्र पार कर चुका बाहुबली का पसीना छूटना लाजिमी है। उधर, यह भी बताया गया कि ब्लड प्रेशर और शुगर आदि की दवाएं मुख्तार अंसारी ले रहा है।
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मुख्तार अंसारी की बांदा वापसी - फोटो : अमर उजाला
बाराबंकी के बाद बांदा एंबुलेंस भी चर्चा में
बाराबंकी की एंबुलेंस के बाद अब बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा लाने वाली बांदा स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस भी चर्चा में आ गई है। बताया जा रहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जबरदस्त सुरक्षा के बीच जिस एंबुलेंस में मुख्तार अंसारी को लाया गया था उसका फिटनेस तीन सालों से नवीनीकृत नहीं हुआ था।

यानी परिवहन विभाग की क्लीनचिट के बगैर एंबुलेंस ने इतनी लंबी दूरी तय की। सोशल मीडिया आदि में चल रही चर्चा के मुताबिक, बांदा स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस यूपी-41जी-2776 का रजिस्ट्रेशन भी बाराबंकी में हुआ है। स्वामी के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक दर्ज हैं। इस एंबुलेंस की फिटनेस मई 2017 तक ही थी।

उसके बाद से परिवहन विभाग जांच-पड़ताल करके ठीकठाक पाता, तभी फिटनेस का नवीनीकरण करता। चर्चा के मुताबिक, 2017 के बाद एंबुलेंस का फिटनेस नहीं कराया गया। एंबुलेंस मई 2015 में खरीदी जाना बताई गई है। उधर, इस बारे में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. उदयभान सिंह का कहना है कि एंबुलेंस अच्छी हालत में है। लगातार संचालित हो रही है। कानपुर-लखनऊ जाती है। फिटनेस नवीनीकरण के सवाल पर अधीक्षक का कहना था कि उनकी जानकारी में नहीं है। चालक से पता किया जाएगा। 
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