पंजाब में कोर्ट पेशी आदि में जाने के लिए व्हील चेयर का इस्तेमाल करते रहे, लेकिन बांदा में मुख्तार अंसारी को व्हील चेयर की जरूरत नहीं पड़ी। हालांकि, व्हील चेयर साथ लाई गई है। तड़के जेल में एंबुलेंस से उतरकर बैरक तक वह पैदल ही गया। प्रभारी अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि यहां फिलहाल मुख्तार ने व्हील चेयर की मांग नहीं की है।
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बांदा जेल में रहेगा मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
घुटनों में दर्द होने पर ही वह व्हील चेयर का इस्तेमाल करता हैं। जेल अस्पताल में दो व्हील चेयर उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध करा दी जाएगी। उधर, मुख्तार अंसारी बोला-मैं बिल्कुल ठीक हूं। काफी थक गया हूं। अब सोना चाहता हूं। सॉरी...मुझे कोई जांच नहीं करानी’। पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा लाए गए बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी ने जेल गेट पर स्वास्थ्य चेकअप के लिए आई मेडिकल टीम से यही बात कही।
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एंबुलेंस में साथ आए डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह फिट बताने के बाद मुख्तार को जेल प्रशासन ने बैरक में एंट्री दे दी। बताया जा रहा है कि मुख्तार अंसारी ने जेल में सिर्फ ब्लड प्रेशर कंट्रोल की दवा ली। बाहुबली मुख्तार अंसारी के बांदा जेल पहुंचने से करीब आधे घंटा पहले राजकीय मेडिकल कालेज में मेडिसिन विभाग के दो चिकित्सक डॉ. अभिषेक राज और डॉ. एसके यादव उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंच गए थे।
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मुख्तार की एंबुलेंस जेल गेट पहुंचते ही दोनों डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चेकअप को कहा। इस पर मुख्तार ने दोनों डॉक्टरों को दो टूक यह कहते हुए स्वास्थ्य की जांच से इनकार कर दिया कि वह पूरी तरह ठीक हैं। जब जरूरत होगी बुला लूंगा। सफर में थक गए हैं, सोना चाहते हैं।
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इसके साथ ही मुख्तार ने जांच के लिए आए बोर्ड के दोनों डॉक्टरों सहित एंबुलेंस में उनके साथ आए बांदा जिला अस्पताल के डॉ. एसडी त्रिपाठी, फार्मासिस्ट प्रतीक कुमार व वार्ड ब्वाय राजकिशोर और एंबुलेंस कर्मियों को शुक्रिया अदा किया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार अंसारी ने सिर्फ बीपी कंट्रोल की दवा ली।
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कागजी कार्रवाई पूरी होने के करीब 40 मिनट बाद मुख्तार जेल के अंदर दाखिल हो गए। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि मरीज अगर जांच नहीं कराना चाहता तो उस पर दबाव नहीं डाला जा सकता। मुख्तार ने जांच कराई या नहीं कराई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि डीआईजी और जेल अधीक्षक के पत्र पर उन्होंने चार डॉक्टरों का पैनल गठित कर दिया है। जरूरत पड़ने पर पहले जेल अस्पताल के डॉक्टर चेकअप व इलाज करेंगे। उनके कॉल करने पर पैनल के डॉक्टर भेजे जाएंगे। प्रधानाचार्य ने कहा कि मुख्तार अंसारी को बीपी और शुगर की दिक्कत है। दवाएं चल रही हैं। प्राइमरी इलाज की जिम्मेदारी जेल डॉक्टर पर है।