इस मां ने अपने बेटे की परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। बड़े लाड प्यार और दुलार से बेटे को पाला था। लेकिन बेटा ऐसा निकलेगा ये न एहसास तक न हुआ। जब बेटा किशोरावस्था में पहुंचा तो गलत संगत में पड़ गया। रोजाना उलाहने आने लगे। इधर शिकायतों का बोझ बढ़ता गया तो उधर मां का मन भी भरता जा रहा था।
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कन्नौज के छिबरामऊ के सौरिख थाना क्षेत्र के भानपुर गांव में बेटे की हरकतों से तंग आकर महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मंदिर से पैसे चुराकर मृतका का बेटा रिश्तेदारी में भाग गया था, जिससे क्षुब्ध होकर उसकी मां ने अपनी जीवन-लीला समाप्त कर ली।
नादेमऊ चौकी क्षेत्र के गांव भानपुर में सुनीता देवी (42) पत्नी रमेशचंद्र का शव सुबह पक्की दीवार में लोहे की खूंटी में रस्सी से बने फांसी के फंदे में झूलता हुआ मिला। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी पाकर थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास, चौकी इंचार्ज एमपी सिंह मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में परिजनों से पूछताछ की।
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ग्रामीणों ने बताया कि मृतका सुनीता देवी का सबसे छोटा बेटा अंशू (14) किशई जगदीशपुर स्थित आचार्य सुरेशचंद्र द्विवेदी के आश्रम में रहता था। आश्रम में बने मंदिर के दानपात्र से अंशू ने 4 हजार रुपये निकाल लिए और रिश्तेदारी में भाग गया। पंडित सुरेशचंद्र द्विवेदी के कोई संतान नहीं थी। इस वजह से वह अंशू को पुत्र के समान मानते थे और बचपन से उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया था।
शर्मिंदगी के चलते उसकी मां सुनीता देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के तीन पुत्र हैं, जिनमें सबसे बड़ा अनुज (18), अंकित (16) और अंशू (14) है, जबकि इकलौती पुत्री रीता की शादी हो चुकी है। सुनीता का मायका जनपद उन्नाव के थाना अजगैन अंतर्गत ग्राम रेनापुर में है। सूचना पाकर रिश्तेदार और मायके पक्ष के लोग भी उसके घर पहुंच गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
-मंदिर से पैसे चुराकर रिश्तेदारी में भाग गया था बेटा
-पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा