केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने महाराजा परीक्षित और सुखदेव की संगीतमयी कथा सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पहली बार किसी कार्यक्रम में साध्वी निरंजन ज्योति पॉलिटिकल बयानबाजी छोड़कर केवल धर्म का पाठ पढ़ाते हुए नजर आईं। साध्वी निरंजन ज्योति वर्तमान में लोकसभा सांसद भी हैं।
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कथा सुनाती केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति
कानपुर देहात मूसानगर कस्बे के अच्युत ब्रह्मधाम आश्रम की सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं भक्ति योग वेदांत सम्मेलन में शुक्रवार को कथावाचक के रूप में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति पहुंचीं थीं। साध्वी ने कहा कि ढूंढने से नहीं बल्कि भागवत कथा सुनने और भावपूर्ण भक्ति से भगवान मिलते हैं। धर्म की हानि होने पर किसी न किसी रुप में अवतरित होते हैं। महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि ‘जहां स्त्री का सम्मान नहीं, वहां उज्जवल भविष्य की कामना नहीं कर सकते।
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कथा सुनाती केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति
जुआ खेलकर पांडव अपना राजपाठ हार जाते हैं। अंत में द्रोपदी को दांव में लगा देते हैं। दांव में द्रोपदी को भी हार जाते हैं। द्रोपदी को जीतने के बाद कौरव चीर हरण करते हैं। धर्म की हानि होते देख भगवान श्रीकृष्ण ने द्रोपदी की लाज बचाकर स्त्री को सम्मान दिलाने का संदेश दिया।
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भगवान भक्ति के भूखे हैं। सच्चे मन से पुकारने पर भक्त की सहायता को प्रकट होते हैं। बाद में संत वेदानंद गिरि, परम प्रकाश, सहजानंद, ज्ञानप्रकाश, कूटस्थानंद, आतयानंद, उमेशानंद, साध्वी परम शांति और निर्मल ज्योति ने वेदों की जानकारी दी। किदवईनगर कानपुर के विधायक, भाजपा नेता विजय सोनी, नीरज पांडेय, राजेंद्र अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, गोरक्षा समिति के राजीव सोनी, राजू चौहान आदि भी मौजूद रहे।