कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन के खत्म होने के एलान के बाद भी मोहम्मद अली पार्क में धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रविवार देर रात खदेड़ा। पुलिस ने कई महिलाओं को हिरासत में भी लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद रविवार देर रात तीन बजे हजारों की भीड़ सड़क पर उतर आई।
महिलाएं, बच्चे और पुरुषों ने चमनगंज की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर तक समझाने के बाद भी जब ये नहीं माने तो पुलिस बैकफुट पर आई और पार्क में प्रदर्शन करने की इजाजत दी। मगर प्रदर्शनकारी सड़कों पर ही डटे रहे। 58 घंटे से महिलाएं धरने पर बैठी हैं। भारी फोर्स मौके पर तैनात है।
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कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
डीएम, डीआईजी समेत भारी पुलिस बल व प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में तैनात हैं। प्रदर्शन दिल्ली के शाहीनबाग की तरह शुरू हो गया है। सात जनवरी से मोहम्मद अली पार्क में सीएए के विरोध में प्रदर्शन जारी है। खासतौर पर महिलाएं प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं।
शनिवार को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों संग बातचीत में प्रदर्शन खत्म करने पर सहमति बनी थी। अधिकतर प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को ही धरना खत्म कर दिया था मगर एक दो संगठनों की शह पर 20-30 महिलाएं धरने पर बैठी रहीं थीं।
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पुलिस अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद भी वह मानने को तैयार नहीं थीं। ऐसे में रविवार देर रात दो बजे के बाद भारी पुलिस बल वहां पहुंचा और महिला पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। जो प्रदर्शन को लीड कर रही थीं उनको हिरासत में लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार सुबह से ही प्रदर्शन में महिलाएं जुटने लगीं।
दोपहर तक चमनगंज की हर सड़क पर लोग ही लोग नजर आ रहे थे। डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी और डीआईजी अनंत देव समेत आलाधिकारी और पुलिस बल वहां पहुंचा। कई घंटे तक बातचीत की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। महिलाएं आगे रहीं और वह प्रदर्शन करने पर अड़ी रहीं। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस अधिकारी पीछे हटे और प्रदर्शन जारी रहा।
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भारी फोर्स मौके पर
- फोटो : अमर उजाला
आधी रात गूंजे आजादी के नारे
पुलिस, पीएसी और आरएएफ ने जब रात को कार्रवाई की तो प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आये। हर तरफ से आजादी के नारों की गूंज सुनाई देने लगी। रात करीब दो बजे शुरू हुए प्रदर्शन में अनिश्चितकाल तक जारी रखने पर प्रदर्शनकारी अड़े हैं।
पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित है भीड़
प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चे आगे हैं। इसलिए पुलिस शुरू से ही किसी भी तरह की कार्रवाई से बचती रही है। सोमवार को भी महिलाएं ही लीड कर रही थीं। महिलाओं का कहना था कि जब वह शांति से पार्क में प्रदर्शन कर रही थीं तो पुलिस को वहां कार्रवाई कर जबरन उठाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का भी आरोप लगाया।
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कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन को लेकर अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला
मीडियाकर्मी से हाथापाई, कैमरा तोड़ने का प्रयास
प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे एक मीडियाकर्मी पर प्रदर्शनकारी भड़क गए। उसे पकड़ लिया और उससे हाथापाई की। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बचाया। प्रदर्शनकारियों ने उसका कैमरा तोड़ने का प्रयास किया।
बाजार बंद, सड़कें ब्लॉक
जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे बाजार बंद होने लगा। दोपहर बाद अधिकतर दुकानें बंद हो गईं। सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी की वजह से उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। इससे आम लोगों को भी वहां से निकलना मुश्किल हो गया।
सीएए के मसले पर विरोध प्रदर्शन शनिवार को खत्म हो गया था। इस संबंध में महिलाओं ने ज्ञापन भी सौंपा था। पर, अब कुछ लोगों की राजनीति का शिकार होकर प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे हैं। इसलिए उनको हटाने के लिए रविवार को पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय मांगा है। - अनंत देव, डीआईजी