फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PHOTOS बेहद यादगार शादी...लोग रो-रोकर कह रहे थे 'भगवान सबको ऐसे भाई दे', किस्सा '15 फरिश्तों' का

Sun, 16 Dec 2018 09:04 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
शादी - फोटो : अमर उजाला
बेटी के हाथ पीले करने की बात सोचकर जितनी इस पिता को खुशी हो रही थी उतना ही उसे उसकी गरीबी डरा रही थी। बेटी के पिता ने तो एक दुकानदार से यहां तक कह दिया था कि अगर बारात दरवाजे पर आ गई तो डूब मरने के अलावा और कोई रास्ता न बचेगा। लेकिन ईश्वर ने इस बेटी की किस्मत में कुछ और ही लिखा था। अचानक 15 युवक फरिश्ते बनकर आ गए। सभी ने पुरोहित की बेटी को अपनी बहन बना लिया। इसके बाद तो बारात की खुशियां देखती ही बन रही थीं। अब न यहां पैसों की फिक्र थी न अकेलेपन का अहसास। भाई बनकर आए फरिश्तों में एक बात को लेकर लगी होड़ देख लोगों की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। सब यही कह रहे थे 'हम ही नहीं पूरा शहर इस शादी को चाहकर भी भूल न पाएगा।'
विज्ञापन

2 of 5
शादी - फोटो : अमर उजाला
बात हो रही है यूपी के जालौन जिले में कोतवाली क्षेत्र के लौना रोड मोहल्ले में रहने वाले अशोक द्विवेदी की। पुरोहिती करने वाले अशोक द्विवेदी की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। दोनों बेटे 12 से 13 साल के हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पुरोहिती से गुजर-बसर चलती है। गोसंरक्षा से जुड़े ओमकार ठाकुर ने बताया कि करीब 15 दिन पहले वह अपने साथी रघुराज सिंह के साथ परचून की दुकान पर खड़े थे। अशोक द्विवेदी दुकानदार से बड़ी बेटी प्रिया की शादी की चर्चा कर रहे थे। कह रहे थे कि किसी तरह शादी तो तय कर दी, पर रुपयों की कमी ने समस्या खड़ी कर दी है। 

 
विज्ञापन

3 of 5
डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
ठाकुर ने बताया कि पुरोहित ने दुकानदार से यहां तक कहा कि अगर बारात दरवाजे पर आ गई तो डूब मरने के सिवा और कोई रास्ता न बचेगा। यह कहते-कहते पुरोहित फफक पड़े। बस उसी पल ठाकुर के दिल में आया कि अपने दोस्तों संग अपनी मुंहबोली बहन की शादी का जिम्मा वे लोग उठाएंगे और उन्होंने पुरोहित के कंधे पर हाथ रखकर शादी की जिम्मेदारी का वचन दे दिया। 
 

4 of 5
शादी - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को प्रिया की बारात आई और घोड़ी पर बैठे दूल्हे रविंद्र को उतारने के लिए एक दो नहीं, बल्कि प्रिया के पंद्रह भाइयों के हाथ आगे बढ़े। शुक्रवार को विदाई के वक्त भी प्रिया और उसका पूरा परिवार इन युवाओं को बार-बार दुआएं दे रहा था। युवाओं ने शादी में तमाम उपहार देकर बहन को विदा किया। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
टीम प्रमुख ओमकार और रघुराज ने नवदंपति को एक सदाबहार का पौधा उपहार देकर आशीर्वाद दिया और कहा कि जिस तरह से यह पौधा फलेगा, उसी तरह उनके जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने बताया कि यह पौधा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी है। ओमकार के मुताबिक, लोग लाखों का सामान तो उपहार में देते हैं, साथ ही उन्हें नए जोड़े को को एक पौधा भी देना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें