साल भर में पड़ने वाली तीन अमावस्या में मौनी अमावस्या का खास महत्व है। शिवमहापुराण में माघ मास की अमावस्या यानी मौनी अमावस्या का महत्व बताते हुए स्वयं भगवान शिव कहते हैं कि जो मनुष्य इस दिन गंगा, जमुना आदि सप्त नदियों में स्नान करके सच्चे मन से दान करता है उस पर समस्त नक्षत्रों की कृपा रहती है। बलभद्र पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु महाराज बता रहे हैं इस दिन के महत्व, दान व पूजन के बारे में...
Trending Videos
विज्ञापन
मौनी शब्द मौन से उत्पन्न
2 of 6
मौनी अमावस्या
मौनी शब्द मौन से उत्पन्न हुआ है। यानी इस दिन मौन रहकर व्रत करना चाहिए। इस दिन अपने मन को काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से दूर रखना चाहिए। चंद्रमा मन का प्रतिनिधित्व करता है और अमावस्या के दिन आकाश में चंद्र दिखाई नहीं पड़ता। इसलिए मन की स्थिति इस दिन अत्यंत कमजोर रहती है। इसलिए मौन रहकर चंद्र को बल प्रदान किया जाता है।
विज्ञापन
ऐसे करें पूजन
3 of 6
मौनी अमावस्या
माघ कृष्ण अमावस्या 16 जनवरी मंगलवार को प्रात: 5:11 बजे आरंभ होगी और 17 जनवरी के प्रात: 7:47 बजे समाप्त होगी। ब्रह्ममुहूर्त में उठ जाएं। पवित्र नदी में स्नान करें अन्यथा अपने घर में ही नहाने के जल में गंगाजल डालकर स्नान करें। स्नान करते समय मन में शिव या विष्णु का ध्यान करते रहें। स्नान के पश्चात नित्य की तरह पूजा-पाठ करें और फिर दान धर्म करें। गरीबों को भोजन, कच्चा अनाज, धान, वस्त्र, चप्पल, छाते आदि दान करें।
दूर करें ग्रहों की पीड़ा
4 of 6
मौनी अमावस्या
शिवपुराण कथन के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन ग्रहों की पीड़ा शांत करने के उपाय भी किए जाते है। यदि आप किसी न किसी ग्रह की पीड़ा से जूझ रहें हैं तो इस दिन शिव का अभिषेक करें। नवग्रह यंत्र की पूजा करें। नवग्रहों के मंत्रों का जाप करके उनके निमित्त दान करें। इस दिन पीपल में कच्चा दूध और जल चढ़ाने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। नवग्रहों की शांति होती है और धन, सुख, वैभव प्राप्त होता है।
विज्ञापन
इसी दिन मंगल वृश्चिक में जाएंगे
5 of 6
मौनी अमावस्या
मौनी अमावस्या के दिन मंगल तुला राशि से निकलकर वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। मंगल अपनी स्वराशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। इसलिए मेष और वृश्चिक राशि के जातक सुखों का अनुभव करेगा। लंबे समय से इनके रुके हुए कार्यों को गति मिलेगी। अटका धन मिलेगा। जिन लोगों की कुंडली में मंगल वक्री है, मंगल की महादशा या अंतर्दशा चल रही है, कर्ज चढ़ा है वे जातक इस दिन मंगल की अनुकूलता के लिए काले पत्थर के शिवलिंग पर मसूर की दाल अर्पित करें।
- भूखे लोगों को भोजन कराएं।
- इस दिन काली चीटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं।
- शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाएं। बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी।
- अमावस्या वाली रात्रि को 5 लाल फूल और 5 जलते हुए दीए बहती नदी के पानी में छोड़ें। इस उपाय से धन लाभ होगा।
- इस दिन शराब आदि से दूर रहना चाहिए। इसके सेवन से आपके शरीर और भविष्य पर भी दुष्परिणाम हो सकते हैं।