शिवपाल सिंह यादव के समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा के गठन से समाजवादी पार्टी को अपने गढ़ में ही कई मोर्चे का सामना करना पड़ेगा। आगामी लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा सपा को भुगतना पड़ेगा। आठ नेताओं के सपा छोड़कर सेक्यूलर मोर्चा में शामिल होने को इसकी शुरुआत माना जा रहा है।
जानकारों के मुताबिक जिले में समाजवादी पार्टी को स्थापित करने में पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव की अहम भूमिका रही है। कार्यकर्ताओं के साथ उनका सबसे अधिक संवाद भी रहा है। प्रदेश में समाजवादी पार्टी के सभी सरकारों में उनकी भूमिका नंबर मुख्यमंत्री के बाद नंबर दो की रही है। इसके अलावा वो पार्टी के कई बार प्रदेश अध्यक्ष रहे।
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शिवपाल यादव
इस वजह से प्रदेश भर के सभी जिलों के कार्यकर्ताओं से उनका सीधे जुड़ाव रहा। सरकार में मंत्री रहते हुए भी उन्हाेंने कार्यकर्ताओं की दिल खोलकर मदद की है। इसी वजह से पार्टी में उनके समर्थकों की अच्छी खासी तादाद रही है। जिले में पार्टी के वरिष्ठ नेता दबी जुबान से यह कहते हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव को शिवपाल सिंह यादव की अनदेखी लोकसभा चुनावों में महंगी पड़ेगी। बिधूना के पूूर्व विधायक प्रमोद गुप्ता एलएस पहले ही मोर्चा में शामिल होने का ऐलान कर चुके हैं।
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डेढ़ वर्ष से सपा से निष्कासित चल रहे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामबाबू यादव का कहना है कि शिवपाल सिंह ने जब सेक्यूलर मोर्चा का गठन किया था, तभी उन्होंने इसमें अपनी आस्था व्यक्त कर दी थी। इसके अलावा अभी वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। सूत्रों के मुताबिक पार्टी में कई दिग्गज नेता आने वाले दिनों में मोर्चे में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में औरैया जैसे गढ़ में ही समाजवादी पार्टी को इस बार लोकसभा चुनावों में विरोधियों के साथ-साथ अपनों से भी युद्घ करना पड़ेगा।
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shivpal yadav
- फोटो : amar ujala
यूपी के औरैया जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह सेंगर समेत समाजवादी पार्टी के आठ कार्यकर्ताओं ने शनिवार को समाजवादी पार्टी छोड़कर शिवपाल सिंह के सेक्यूलर मोर्चा में शामिल होने का एलान किया। इसके अलावा मंगलम गेस्ट हाउस में 20 सितंबर को सेक्यूलर मोर्चे के सम्मेलन आयोजित किए जाने की घोषणा भी की। इस सम्मेलन में सपा में उपेक्षित कार्यकर्ताओं को मोर्चे से जोड़ा जाएगा।
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शिवपाल सिंह यादव
रोडवेज स्थित जिला सहकारी बैंक परिसर में शनिवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी देते हुए सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह सेंगर ने कहाकि सपा में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा न होती तो इस मोर्चा की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने कहाकि रविवार से सेक्यूलर मोर्चा जिले भर में संघन जनसंपर्क कर ऐसे लोगों को मोर्चा से जोड़ने का काम करेगा। 20 सितंबर को दोपहर 12 बजे से मंगलम गेस्ट हाउस में सेक्यूलर मोर्चा के बैनर तले सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें जिले भर से भारी संख्या में लोग शिरकत करेंगे। सम्मेलन के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रामसेवक यादव, विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य होंगे।
अशोक चौबे ने कहा कि सपा में नेता जी का कोई सम्मान नहीं है। कार्यकर्ताओं के दबाव डालने पर शिवपाल सिंह को इस मोर्चे का गठन करना पड़ा। मोर्चा प्रदेश की सभी 80 सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। सेक्यूलर मोर्चा में शामिल होने वाले नेताओं में सहकारी बैंक उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह सेंगर, अशोक चौबे, सपा के जिला सचिव एवं सेक्टर प्रभारी अनीस खां, पूर्व नगर अध्यक्ष राज नारायण वर्मा, पूर्व नगर अध्यक्ष सिल्लू विश्नोई, मो. आमीन, पूर्व सभासद रामबाबू यादव, मो. कामिल आदि शामिल। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष रामलखन प्रजापति ने कहाकि जो लोग सपा छोड़ने की बात कर रहे हैं। वह पार्टी के सक्रिय सदस्य तो दूर सामान्य सदस्य भी नहीं है। पहले कभी पदाधिकारी रहें होंगे। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। नई टीम में ऐसे कोई व्यक्ति को नहीं जानते।