उत्तर प्रदेश के महानगर कानपुर में जवाहर नगर में एक भाई ने खुद को बड़े भाई के शव के साथ कई दिनों तक कमरे में कैद रखा। माता पिता की मौत के बाद दोनों भाईयों की मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। इसी वजह से दोनों भाईयों की शादी भी नहीं हो सकी। कई दिनों तक जब पड़ोसियों ने दोनों को नहीं देखा तो उनके बहन-बहनोई को सूचना दी। इसके बाद...
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विवेक
- फोटो : अमर उजाला
जवाहर नगर में बड़े भाई के शव के साथ छोटे ने खुद को घर में कैद कर लिया। कई दिन से दोनों जब नजर नहीं आए, तो पड़ोसियों ने बहन-बहनोई को सूचना दी। गुरुवार देर शाम बहन-बहनोई घर पहुंचे तो छोटे भाई को नीचे के कमरे में गुमसुम बैठे पाया। बड़े भाई का शव कमरे में बेड के पास पड़ा था। कमरे में दुर्गंध भरी हुई थी। शव कई दिन पुराना हो गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम केलिए भेज दिया।
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विवेक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
जवाहर नगर निवासी विकास चंद्र खरे (48) छोटे भाई विवेक के साथ रहते थे। परिवार में दो बहनें मंजरी और वैशाली हैं। जूही सफेद कॉलोनी निवासी बहनोई राघवेंद्र ने बताया कि माता-पिता की मौत के बाद ही दोनों भाइयों की मानसिक स्थिति खराब हो गई थी, जिसके चलते दोनों का विवाह भी नहीं सका ।
गुरुवार रात को पड़ोसी प्रशांत ने बताया कि कई दिनों से विकास नजर नहीं आ रहा है। विवेक से पूछा तो बताया कि वह कहीं गया हुआ। तीन दिन से विवेक भी घर से बाहर नहीं निकला है। सूचना मिलने पर जब वह पत्नी समेत पहुंचे। कई आवाजें दीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर दरवाजे में धक्का दिया तो वह खुल गया।
सामने के कमरे में विवेक गुमसुम बैठा था। विकास के बारे में पूछने पर बताया कि वह ऊपर के कमरे में है। वह ऊपर पहुंचे और जैसे ही कमरे की तरफ बढ़े दुर्गंध की वजह से सांस लेना मुश्किल हो गया। सामने विकास का शव पड़ा था। नजीराबाद थाना प्रभारी का कहना है कि मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।