यूपी के औरैया जिले में ऐली गांव निवासी त्रिभुवन सिंह के मुताबिक उनका बेटा धीरेंद्र सिंह (25) शनिवार की सुबह अपने कमरे में मायके गई पत्नी बबली से फोन पर बातचीत कर रहा था। काफी देर तक वह कमरे से नहीं निकला तो उसकी तलाश शुरू हुई। घर में जाकर देखा तो कमरा अंदर से बंद था।
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मृतक के घर के बाहर लगी ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ दिया तो बेटे धीरेंद्र का शव फंदे से झूलता मिला। धीरेंद्र ने छत के कुंडे के सहारे धोती से फांसी लगा ली थी। पिता ने बताया कि धीरेंद्र की शादी तीन साल पहले ककवन (कानपुर ग्रामीण) की रहने वाली बबली से हुई थी। उसका एक बेटा निहाल (डेढ़ वर्ष) का है। बबली दो महीने पहले अपनी मां के साथ मायके चली गई थी।
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मृतक धीरेंद्र का फाइल फोटो, इसी छत के कुंडे से धोती के सहारे लगाई फांसी
- फोटो : अमर उजाला
तब से वह वापस नहीं आई। बेटे की रोजाना फोन पर अपनी पत्नी से बात होती थी। अक्सर फोन पर एक-दूसरे से विवाद हो जाता था। घटना वाले दिन सुबह भी फोन पर धीरेंद्र और बबली की बात हुई थी। दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद धीरेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बिधूना कोतवाली प्रभारी आलोक दुबे और चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि धीरेंद्र मानसिक रोगी था। उसका कानपुर में इलाज चल रहा था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।