पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार ने अग्रिम जमानत के लिए गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दी है। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने सीओ कुलपहाड़ को मामले की फाइल और सुनवाई की तारीख का पता लगाने के लिए हाईकोर्ट भेजा है। पूर्व एसपी पर शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार व वसूली का मामला दर्ज हुआ था।
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मणिलाल पाटीदार आईपीएस
- फोटो : amar ujala
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत व भ्रष्टाचार के मामले में फंसे तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार ने गिरफ्तारी से बचने की एक बार फिर कोशिश की है। लखनऊ की एक निजी कंपनी के निदेशक नीतीश कुमार पांडेय ने दस सितंबर को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार समेत तत्कालीन खन्ना थाना प्रभारी राकेश कुमार सरोज व खरेला थाना प्रभारी राजू सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और जबरदस्ती वसूली की धारा में एफआईआर दर्ज कराई थी।
पुलिस ने इस मामले में अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। पुलिस लगातार पूर्व एसपी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की तलाश में हर संभावित स्थान पर दबिश दे रही है, लेकिन किसी का सुराग नहीं मिल रहा है। क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में फंसे आईपीएस मणिलाल पाटीदार व अन्य आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।
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इंद्रकांत हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने-अपने स्तर पर कोशिश कर रहे हैं। आरोपी आईपीएस ने क्रशर कारोबारी के मौत के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जो खारिज हो गई थी। अब महोबा कोतवाली में दर्ज भ्रष्टाचार व वसूली के मामले में पूर्व एसपी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गुरुवार को अर्जी दी है। माना जा रहा है कि 8-10 दिनों में इस पर सुनवाई हो सकती है।
वायरल हुआ था इंद्रकांत का फेसबुक पोस्ट
- फोटो : amar ujala
जानिए क्या है पूरा मामला
कबरई निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी आठ सितंबर को गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 सितंबर को उनकी कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में मौत हो गई थी। इंद्रकांत ने सात सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार व कबरई थाना प्रभारी देवेंद्र समेत चार अन्य लोगों पर भ्रष्टाचार और धमकी देने का आरोप लगाया था। इसमें एसपी और थाना प्रभारी समेत पांच लोगों को नामजद करते हुए कई अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में आरोपी सुरेश व ब्रह्मदत्त जेल में बंद हैं और अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं।