महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड में उनकी फेसबुक पोस्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। इंद्रकांत 9 सितंबर को एसपी के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने वाले थे। इसके लिए उन्होंने प्रेसवार्ता की फेसबुक पोस्ट की थी। ये पोस्ट आठ सितंबर की सुबह की गई थी। इसके कुछ ही घंटे बाद इंद्रकांत को गोली मार दी गई थी। एसआईटी ने इसे साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया है।
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छावनी बना महोबा
- फोटो : amar ujala
इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी महोबा मणिलाल पाटीदार पर उगाही का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि अगर उनकी हत्या होती है तो इसके जिम्मेदार एसपी ही होंगे। ठीक इसके दूसरे दिन सुबह उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट लिखी। जिसमें उन्होंने लिखा कि ...प्रिय पत्रकार बंधुओं मैं कल यानी नौ सितंबर को एक प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहा हूं।
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कारोबारी की मौत के बाद घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
जिसका स्थान मेरा क्रशर यानी आरजेएस ग्रेनाइट होगी। समय सुबह़ 11 बजे। भ्रष्टाचार के एक-एक सुबूत दिए जाएंगे। क्रम बाई क्रम। एसपी महोदाय द्वारा जो भ्रष्टाचार किया गया है। इस पोस्ट के लिखने के कुछ ही देर बाद इंद्रकांत को गोली मार दी गई थी। वो गाड़ी में ही खून से लथपथ पड़े मिले थे। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। एसआईटी ने इसको जांच में शामिल कर तह तक जाने के प्रयास में जुट गई है।
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महोबा में पीएसी तैनात
- फोटो : amar ujala
शायद बहुत बड़ा खुलासा करने वाले थे इंद्रकांत
जिस तरह से इंद्रकांत ने पोस्ट में लिखा कि वह एसपी के भ्रष्टाचार के सुबूत भी देंगे। इससे एक बात की आशंका बढ़ गई है कि वह कोई बड़ा खुलासा करने वाले थे। एक दिन पहले वीडियो वायरल करना और दूसरी सुबह इस तरह की पोस्ट लिखना। इंद्रकांत के पक्के इरादे की पुष्टि करते हैं। जिन-जिन लोगों के वह राजफाश करने वाले थे उनको यकीन हो गया था कि इंद्रकांत अब नहीं रुकेंगे। इसलिए उनको तुरंत गोली मरवा दी। फिलहाल एसआईजी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद एक-एक तथ्य सामने आएंगे।
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कारोबारी की मौत के बाद पत्नी बेहाल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक महोबा, किसी भी वक्त मेरी हत्या करवा सकते हैं...
इंद्रकांत ने वायरल वीडियो में कहा था कि एसपी छह लाख रुपये महीना उगाही मांगते हैं। वहीं इस बारे में उन्होंने सात सितंबर यानी वीडियो वायरल करने वाले दिन ही उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट भी लिखी थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि मेरे प्रिय मित्रों व मेरे आदरणीय सम्मानितजनों, हो सकता है मैं कल आप सबके बीच न रहूं, क्योंकि पुलिस अधीक्षक महोबा किसी भी वक्त मेरी हत्या करवा सकते हैं। वह मुझसे छह लाख रुपये प्रतिमाह की मांग कर रहे हैं, जिसे मैं देने में असमर्थ हूं। एसआईटी ने इसे भी जांच में शामिल कर लिया है।
कारोबारी की मौत पर रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
वीडियो और पोस्ट जांच में अहम
इंद्रकांत का वायरल वीडियो और फेसबुक पर लिखे गए पोस्ट जांच में मील का पत्थर साबित होने वाले हैं। गोली मारे जाने के ठीक एक दिन पहले खुद वीडियो बनाकर हत्या की साजिश की आशंका जताना और फिर वैसी ही वारदात हो जाना बड़ा मामला बन जाता है। ये एक तरह का डेथ डिक्लेरेशन है, जो कोर्ट में बेहद अहम साबित होने वाला है।