मूल रूप से जालौन जिले के उदोतपुरा के रहने वाले कारोबारी मानवेंद्र सिंह करीब 25 वर्ष पूर्व पढ़ाई के सिलसिले में लखनऊ चले गए थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद मानवेंद्र ने लखनऊ को ही स्थायी ठिकाना बना लिया।
लखनऊ में हुई एक हृदयविदारक घटना ने जालौन के कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उदोतपुरा को गहरे शोक में डुबो दिया है। राजधानी के आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल-91 में रहने वाले शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की चार दिन पूर्व उनके ही बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पैतृक गांव में स्तब्धता और मातम का माहौल छा गया।
मूल रूप से उदोतपुरा निवासी मानवेंद्र सिंह करीब 25 वर्ष पूर्व पढ़ाई के सिलसिले में लखनऊ चले गए थे। उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह राजावत उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद से सेवानिवृत्त हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद मानवेंद्र ने लखनऊ को ही स्थायी ठिकाना बना लिया।
विज्ञापन
2 of 12
शराब कारोबारी हत्या के बाद पुलिस को मौके पर लेकर जाता आरोपी बेटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं उनका विवाह हुआ और उन्होंने पैथोलॉजी के क्षेत्र में काम शुरू किया। जानकारी के अनुसार, राजधानी में उनके लगभग एक दर्जन पैथोलॉजी सेंटर संचालित थे। बाद में वह शराब के कारोबार से भी जुड़ गए थे।
विज्ञापन
3 of 12
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : शुभम बंसल
'मानवेंद्र का गांव आना-जाना बेहद कम हो गया था'
वर्ष 2017 में उनकी पत्नी का निधन हो गया था। परिवार में बेटा अक्षत प्रताप सिंह और एक बेटी उनके साथ रहते थे। ग्रामीणों के अनुसार, मानवेंद्र का गांव आना-जाना बेहद कम हो गया था। लगभग दो वर्ष पहले वह एक पारिवारिक कार्यक्रम में गांव आए थे।
4 of 12
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद आरोपी बेटे को घर लाती पुलिस
- फोटो : शुभम बंसल
'सभी से आत्मीयता से मिलते-जुलते थे'
गांव में उनका बचपन बीता था। लोग उन्हें मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का बताते हैं। जब भी आते, सभी से आत्मीयता से मिलते-जुलते थे। ग्रामीणों ने बताया कि अक्षत प्रताप सिंह का गांव में आना बहुत कम हुआ। चार-पांच वर्ष पूर्व वह कुछ समय के लिए गांव आया था।
विज्ञापन
5 of 12
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'गांव के बच्चों के साथ खेलते-कूदते उसे देखा गया था'
उस समय उसकी उम्र कम थी और वह पढ़ाई में मेधावी प्रतीत होता था। गांव के बच्चों के साथ खेलते-कूदते उसे देखा गया था। नौ फरवरी को सुरेंद्र पाल सिंह राजावत द्वारा गांव में भागवत कथा का आयोजन कराया गया था।
विज्ञापन
6 of 12
शराब कारोबारी हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस कार्यक्रम में न तो मानवेंद्र सिंह शामिल हुए थे और न ही उनका बेटा आया था। हालांकि परिवार के छोटे बेटे अरविंद, जो पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, कथा में शामिल होने गांव पहुंचे थे।
विज्ञापन
7 of 12
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद आरोपी बेटे को घर लाती पुलिस
- फोटो : शुभम बंसल
'अक्षत की नीट में रुचि नहीं थी'
ग्रामीणों के मुताबिक, पिता मानवेंद्र सिंह बेटे अक्षत पर नीट की तैयारी को लेकर दबाव बना रहे थे, जबकि अक्षत की रुचि उसमें नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव ने इस भयावह घटना का रूप ले लिया।
8 of 12
शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : शुभम बंसल
इस वारदात ने गांव के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए पिता ने संघर्ष किया, उसी के हाथों इस तरह की घटना हो जाना अत्यंत पीड़ादायक है। गांव में हर जुबान पर एक ही सवाल है - आखिर पिता-पुत्र के रिश्ते में ऐसी कौन सी दरार पड़ गई, जिसने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
9 of 12
शराब कारोबारी हत्या के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था मामला
लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
10 of 12
शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी
का दबाव बना रहे थे।
11 of 12
आरोपी बेटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी।
शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव कमरे में पड़ा था। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह जालौन में रहते हैं। घटना की सूचना पर आशियाना पहुंचे। पुलिस ने कारोबारी के हाथ और पैर बरामद कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।