उन्नाव में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने शव के नाम पर कंकाल और राख देख पहचान करने को लेकर असमंजस में पड़ गए। परिवार वालों ने किसी को उसकी बेल्ट के बक्कल से तो किसी को उसकी अंगूठी से पहचाना।
मृतक खजान सिंह यादव के छोटे भाई छोटेलाल ने खजान सिंह के गले की हड्डी बड़ी होने की बात कह शवों को देखना शुरू किया। इसी दौरान उसने एक की गली की हड्डी बड़ी देख भाई की पहचान की। मृतक अमित की बेल्ट के बक्कल से छोटे भाई शुभम ने उसकी पहचान की। मृतक हिमांशु के शव को उसकी अंगूठी से परिजनों ने पहचान की।
अभिषेक तिवारी के भाई अनुराग ने अभिषेक के दाहिने हाथ पूर्व हुए फ्रैक्चर में रॉड डाले जाने की बात बताई। इसी रॉड के आधार पर शव की पहचान की गई। इसी तरह अन्य शवों को भी पहचाना गया। अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्दगी देने में कोई भूल न हो इसके लिए पुलिस ने कफन में लिपटे शवों पर उनके नाम की पर्ची चिपका दी।
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पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद परिजन व भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अंकित का 97, शंभू का शव 98 फीसदी, अन्य पांच लोग सौ फीसदी जले
सातों लोगों की मौत की घटना में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित का शव 97 फीसदी, शंभू का शव 98 फीसदी और अन्य सभी के शव सौ फीसदी जले हैं। डीएनए सैंपल के लिए कॉलर बोन व पसली सुरक्षित की गई है।
पोस्टमार्टम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही दिखी। सात शवों के पोस्टमार्टम के लिए एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई। दोपहर 1 बजे तक पोस्टमार्टम शुरू न होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई और रिश्तेदारों का सब्र जवाब देने लगा। इसपर सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने डॉ. रामखेलावन को भी लगाया। डॉ. अमित द्वारा चार शवों के पोस्टमार्टम करने के बाद पहुंचे दूसरे डॉक्टर ने तीन शवों का पोस्टमार्टम किया।
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ट्रक और वैन में टक्कर के बाद लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
चार रिश्तेदारों की एक साथ हुई मौत से कोहराम
वैन हादसे का शिकार हुए सात लोगों में हिमांशु, कल्लू, अमित व शंभू आपस में रिश्तेदार थे। एक साथ सभी की मौत से घर से पोस्टमार्टम हाउस तक कोहराम मचा रहा। परिवार और रिश्तेदार सभी की मौत पर एक दूसरे से लिपटकर बिलख पड़े। हादसे में किसी का सिंदूर मिट गया तो किसी की कोख सूनी हो गई। हिमांशु और अमित की स्टेशन रोड पर आसपास चाय की दुकान है। जिससे कचौड़ी गली से रेलवे स्टेशन रोड तक सन्नाटा पसरा रहा।
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टक्कर के बाद ट्रक और वैन में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
बांगरमऊ से वैन पर बैठा था अभिषेक
मृतक अभिषेक घटना से दो दिन पहले अपनी ससुराल बांगरमऊ गया था। ऋषि शुक्ला की बरात में शामिल होने के लिए वह बांगरमऊ से वैन पर बैठा था। कुछ दूरी पर वैन आगे बढ़ी ही थी कि आग लगने से वह भी वैन में जिंदा जल गया।
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धूं धूं कर जलती वैन
- फोटो : अमर उजाला
छह शवों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिए। खजान सिंह के शव को छोड़कर अन्य शवों को एक साथ अस्पताल के शव वाहन से शुक्लागंज के पक्के घाट ले जाया गया। जहां सभी का अंतिम संस्कार हुआ। शव यात्रा में भी सैकड़ों की संख्या में लोग घाट पर पहुंचे।
गैस किट लगे वाहनों की हुई चेकिंग
बांगरमऊ हादसे के बाद सोमवार को यातायात पुलिस ने अभियान चलाकर गैस किट लगे वाहनों की जांच की। यातायात प्रभारी इंद्रपाल सिंह सेंगर ने लखनऊ-कानपुर हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान गैस किट लगे वाहनों के कागजात चेक किए गए। 12 वाहनों को नियम विरुद्ध पाए जाने पर चालान किया गया।