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तस्वीरेंः प्रचंड गर्मी और बूंद-बूंद के लिए तड़पते बेजुबान, आने वाले प्रलय-काल की आहट है ये प्यास

Tue, 04 Jun 2019 09:35 AM IST
प्रशांत कुमार प्रशांत कुमार द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
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गर्मी से परेशान बेजुबान - फोटो : ओ पी वाधवानी
प्यास से व्याकुल ये बेजुबान आने वाले जल संकट की कहानी बयां कर रहे हैं। गिरता जल स्तर और पानी की अकूत बर्बादी आने वाले समय इससे भी भयावह तस्वीरें दिखा सकती है। इसके लिए एक दिन के अभियान से कोई बदलाव होने वाला नहीं है। अभियान को रोजमर्रा की जिंदगी में उतार कर ही जल संकट जैसी भयंकर आपदा से बचा जा सकता है। तिनके के साथ प्यास बुझाता ये कौआ अपने आप में एक बड़ा संदेश दे रहा है। बेजुबानों के मर्म को अभी भी समझकर भविष्य के बड़े संकट से निजात मिल सकती है।
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गर्मी से परेशान गाय - फोटो : ओ. पी. वाधवानी
टोटी से पानी पीती ये गाय किसी की भी आत्मा को झकझोर सकती है। गर्मी बढ़ते ही जल संकट का प्रकोप झेल रहे इंसान कहीं न कहीं से पानी की व्यवस्था तो कर लेते हैं लेकिन ये बेजुबान प्यास से इधर-उधर भटकते रहते हैं। कई बार तो ऐसे मामले भी सामने आ जाते हैं जब पानी की तलाश में ये जानवर काल के गाल में समा जाते हैं।
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तिनके से पानी पीता कौआ - फोटो : ओ. पी. वाधवानी
कहते हैं डूबते को एक तिनके का सहारा काफी...लेेकिन यही तिनका जब एक पक्षी के लिए जीने का सहारा बने तो कई सवाल भी जन्म ले लेते हैं।

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तिनके से घड़े में भारे पानी को निकालता कौआ - फोटो : ओ. पी. वाधवानी
गायब होते कुएं और तालाब इंसान को कठघरे में खड़ा कर देते हैं।
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गाय का दूध पीता बंदर - फोटो : ओ. पी. वाधवानी
ये मार्मिक तस्वीर निश्छल ममता का नायाब उदाहरण है। जिसमें गाय का दूध पीकर ये बंदर प्यास बुझा रहा है। खग जाने खग ही की भाषा...की कहावत को ये बेजुबान बखूबी बयां कर रहे हैं। साथ ही इंसानी फितरत को भी ये तस्वीर अच्छी तरह से दर्शा रही है। अपने स्वार्थ के कारण तालाबों और कुओं की बलि देने वाले लोगों के लिए ये तस्वीर एक आइना है। जिसमें वह खुद को देखकर ये आंकलन कर सकते हैं कि आने वाले समय में पानी का संकट और कितना गहरा हो सकता है।
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गर्मी से बेहाल बेजुबान - फोटो : ओ. पी. वाधवानी
इंसान के जंगलराज में जंगल का ये बेजुबान परेशान है। इस परेशानी की वजह कुछ और नहीं बल्कि गायब होते जंगल और प्राकृतिक संपदा है।
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गर्मी से बेहाल बेजुबान - फोटो : ओ. पी. वाधवानी
ये तस्वीर जीव-जंतुओं की प्यास और लाचारी की कहानी बयां कर रही है।  
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गाय की पीठ पर बैठे दो बंदर - फोटो : ओ. पी. वाधवानी
कौन सुनेगा किसको सुनाएं इसलिए चुप रहते हैं...ये गीत तो खूब सुना होगा। ये तस्वीर भी अपने आप में बहुत कुछ कह रही है। गाय के ऊपर खेलते ये बंदर गाय का दूध पीकर अपनी प्यास बुझाने की जुगत में हैं। इसकी एक झलक आप ऊपर की स्लाइड में देख चुके हैं जहां बंदर गाय का दूध पीकर अपनी प्यास बुझा रहा है। प्यास के लिए ये जद्दोजहद आने वाले कल की भविष्यवाणी कर रही है।
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