यात्रियों को लेकर आगरा जा रही किदवईनगर डिपो की बस (यूपी-77 टी-4491) में भौंती में बुधवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। चलती बस में आग लगने से चीख पुकार मच गई। दहशत में आए कुछ यात्री चलती बस से कूद गए, इससे उनको चोट भी आई। हादसे के वक्त बस में 35 से अधिक यात्री थे।
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आग लगने के बाद बस से बाहर खड़े यात्री
- फोटो : अमर उजाला
चालक ने बस को किनारे खड़ा किया तो जैसे तैसे यात्रियों ने बस से उतरकर अपनी जान बचाई। कई यात्रियों का सामान बस के साथ जल गया। चालक और परिचालक हादसे के बाद भाग गए।मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आग बुझाई। इस दौरान एक तरफ का ट्रैफिक रुकने से हाईवे पर जाम भी लग गया।
किदवईनगर डिपो के चालक राहुल प्रजापति और परिचालक मोहित बुधवार को बस को लेकर निकले। झकरकटी बस स्टैंड से यात्रियों को बैठाने के बाद बस आगरा के लिए रवाना हुई। यात्रियों के मुताबिक कुछ दूर चलने के बाद बस के गीयर लीवर के पास लगे एयर बॉक्स से धुआं निकलने लगा। इस पर उन्होंने परिचालक और चालक को जानकारी दी।
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बस में सामान ढूढंती महिला
- फोटो : अमर उजाला
दोनों ने ही उनकी बात को अनसुना कर दिया और बस चलाते रहे। भौंती में पीएसआईटी इंस्टीट्यूट के पास एयर बॉक्स से लपटें निकलने लगीं। यह देखकर चीख-पुकार मच गई। कुछ यात्री तो बस के धीमे होते ही कूद गए। बाद में रोडवेज अफसरों ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की और यात्रियों के भी बयान लिए। इसके बाद अधिकारियों ने दूसरी बसों से यात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना किया।
बिना अनुमति लगे स्पीकर से लगी आग
रोडवेज के सेवा प्रबंधक रमेश कुमार ने मौके पर जाकर जांच की तो उनको बस में म्यूजिक सिस्टम लगा मिला। रमेश के मुताबिक बस में म्यूजिक सिस्टम लगाने पर प्रतिबंध है। अफसरों से बचने के लिए चालक ने बस के नीचे एयर बॉक्स के पास स्पीकर लगा रखा था। रमेश के मुताबिक इसी स्पीकर में शार्ट सर्किट से आग लगी, जो पूरी बस में फैल गई। फायर अफसर ने भी शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कही है।
किसी के शादी के जेवर जले तो किसी के कागजात
बस में आग इतनी तेजी से फैल गई कि यात्रियों को सामान निकालने का मौका ही नहीं मिला। बस में बैठे फफूंद निवासी पार्षद हसनरजा की पत्नी फरीन अकरम के जेवर जल गए। उनकी अभी कुछ दिनों पहले ही शादी हुई थी और वह पत्नी को मायके से विदा कराकर ससुराल ले जा रहे थे। आग बुझने के बाद वह बस में गए तो उन्हें दो अंगूठियां तों मिल गई, लेकिन हार, चेन आदि जल चुकी थीं। वहीं, औरैया के आकाश की मार्कशीट समेत अन्य कागजात जल गए।
मैंने एयर बॉक्स से धुआं निकलते देख परिचालक को बस रुकवाकर मैकेनिक से दिखाने को कहा था लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। मैं औरैया जाने के लिए विजय नगर से बस में चढ़ा था।
- शिखर कुमार, औरैया
ड्राइवर मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चला रहा था। मैंने धुआं निकलने के बारे में ड्राइवर को बताया, लेकिन वह बात करने में इतना मशगूल था कि उसने ध्यान ही नहीं दिया। इसके बाद परिचालक को भी बताया लेकिन उसने भी ध्यान नहीं दिया।
- ओमकेश सिंह, औरैया