जब लड़कियां डॉक्टर इंजीनियर बनने का सपना देख रहीं थीं तब मूल रूप से पटना की रहने वालीं अर्चना कुमारी ने रेलवे में लोको पायलट बनने का करियर चुना। उन्होंने इसके लिए दिल लगा कर पढ़ाई की और आखिर में उन्होंने अपना मुकाम हासिल किया।
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अर्चना ने बीकॉम करने के बाद पास की पॉलीटेक्निक
अर्चना ने गवर्नमेंट वूमन पॉलीटेक्निक पटना से इंजीनियरिंग का डिप्लोमा हासिल किया। अर्चना के पति धीरेंद्र कुमार पटना में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव हैं। अर्चना कुमारी अभी गोविंद नगर में रह रही हैं।
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अर्चना ने गवर्नमेंट वूमन पॉलीटेक्निक पटना से पढ़ाई की है
साल 2017 में लोको पायलट के तौर पर नौकरी ज्वाइन की। वह कानपुर, इलाहाबाद, टुंडला, मुगलसराय रोड के इंजन की ड्राइवर हैं। अर्चना के दो बच्चे गीतिका और अनिरुद्ध अभी प्ले ग्रुप में पढ़ते हैं। इनकी मां बच्चों की देखरेख करती हैं।
रेलवे के एई आरपी सिंह की तारीफ करते हुए अर्चना कहती है सर का सपोर्ट है तभी रात की ड्यूटी की बजाय केवल दिन की ही ड्यूटी लगती है। सभी महिला लोको पायलट दिन में ही ड्यूटी करती हैं। कानपुर हेड क्वार्टर में 10 लड़कियां लोको पायलट हैं।