कन्नौज से भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने गुरुवार को अमर उजाला से बात की। उनके मुताबिक उनकी ओर से दो बार सूची भेजने के बाद भी उस पर गौर नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि कई बार कहने के बाद 590 में से सिर्फ 10 लोगों को ही राशन वितरित किया गया।
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भाजपा सांसद सुब्रत पाठक
- फोटो : amar ujala
580 लोगों को सात दिन बाद तक राशन न मिलने और फिर फोन पर तहसीलदार की ओर से इसकी ठोस वजह न दे पाने पर बात बिगड़ गई। सदर तहसीलदार अरविंद कुमार सांसद सुब्रत पाठक, उनके तीन साथियों और 25 अज्ञात लोगों पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। वहीं सांसद का कहना है कि उन्होंने राशन वितरण में हो रही गड़बड़ी पर टोका था, हमला नहीं किया।
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सदमे से उबर नहीं पाए तहसीलदार और उनका परिवार
- फोटो : अमर उजाला
सांसद सुब्रत पाठक ने बताया कि कार्यालय प्रभारी अवनीश बेरिया से उन्होंने घटना से करीब एक हफ्ता पहले 590 लोगों की सूची सदर तहसीलदार अरविंद कुमार के पास भेजी थी। इस सूची में चौधरी सराय की कांशीराम कालोनी, ईदगाह कालोनी, चिरइयागंज कालोनी, लुधपुरी कालोनी, काजीटोला, नखासा मोहल्ला, सरायमीरा की आंबेडकर नगर बस्ती, मौसमपुर मोहल्ले के गरीब तबके के लोगों के नाम शामिल थे।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद चोट दिखाते हुए
- फोटो : amar ujala
रोज कमाने और रोज खाने वाले यह लोग लॉकडाउन के बाद से बेरोजगार थे। उन्होंने इन मोहल्लों के 590 लोगों को राशन वितरित कराने के लिए सदर तहसीलदार से कहा था। जब तक राशन नहीं पहुंच रहा था, उनके कार्यालय से रोजाना दोनों वक्त इनके भोजन की व्यवस्था कराई जा रही थी। तीन-चार दिन तक राशन न पहुंचने के बाद अवनीश बेरिया की ओर से दूसरी बार लिस्ट भेजी गई।
इस बार भी राशन वितरित नहीं किया गया। मंगलवार को उन्हें राशन वितरित न होने की जानकारी हुई तो सदर तहसीलदार से फोन पर जानकारी ली। पता चला कि 590 में सिर्फ 10 लोगों को ही राशन दिया गया। कारण पूछने वह टालमटोल करने लगे। उन्होंने जरूरतमंद लोगों तक राशन समय से पहुंचाने के लिए कहा तो बात बिगड़ गई।