कन्नौज से भाजपा सांसद सुब्रत पाठक और सदर तहसीलदार अरविंद के बीच हुई मारपीट के मामले ने अब सियासी रूप ले लिया है। सासंद सुब्रत पाठक ने पूरे मामले में अपना पक्ष रखने के दौरान कहा कि राशन वितरण में तहसील स्तर से गड़बड़ी की जा रही है। शासन से 15 लाख रुपये दिए गए हैं। समाज के लोगों से जो अनाज उपलब्ध कराया जा रहा, उसे ही बांटा जा रहा है।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद
- फोटो : amar ujala
ऐसे में सरकारी धन कहां खर्च हो रहा है। लेखपालों पर वसूली का आरोप भी लगाया। कहा कि लोगों की मदद के नाम पर एक लेखपाल की ओर से अपने खाते में धनराशि हस्तांतरित कराई गई। यह नियम विरुद्ध है। वहीं लेखपाल ने इसका खंडन किया है।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार
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सांसद ने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है। सांसद कार्यालय प्रभारी अवनीश बेरिया ने बताया कि तहसील अधिकारियों का कहना था कि उनके पास रोजाना काफी तैयार भोजन बच रहा है। इसे जरूरतमंदों तक पहुंचाया नहीं गया। ऐसे में सवाल उठता है कि यह भोजन गया कहां? कहीं ऐसा तो नहीं कि वितरण के नाम पर इसे नालियों और कूड़े में फेंक दिया गया हो? इसकी जांच होनी चाहिए।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार ने सांसद पर लगाए गंभीर आरोप
- फोटो : amar ujala
बसपा ने भी की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग
सपा के बाद बहुजन समाज पार्टी ने भी पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की है। बसपा जिलाध्यक्ष अमर सिंह फौजी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि तहसीलदार पर हमला बेहद निंदनीय है। ऐसी घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की, पूरी घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जानी चाहिए।
सदर तहसीलदार अरविंद कुमार ने सांसद पर लगाए गंभीर आरोप
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भाजपा सांसद सुब्रत पाठक और 20-25 भाजपाइयों ने मंगलवार दोपहर सदर तहसीलदार के घर में घुसकर हमला कर दिया था। जमीन पर गिराकर पीटा। 10-15 मिनट तक यह घटना तहसीलदार की पत्नी और आठ साल की बच्ची के सामने हुई। मारपीट में सदर तहसीलदार को कई चोटें आई। घटना के बाद भाजपाई दो बाइकें छोड़कर भाग निकले थे।