लॉकडाउन के बाद जल्द घर उन्नाव के रऊ गांव पहुंचने के लिए दिल्ली में रहने वाली रोशनी अपनी तीन साल की बेटी दामिनी को लेकर पैदल ही निकल पड़ी। करीब 60 किमी तक पैदल भी चलना पड़ा। इस दौरान मासूम बेटी कभी मां की गोद तो कभी पैदल चलकर संघर्ष करती रही। मां-बेटी की बेबसी देख गांव के 10 अन्य लोगों ने भी उनकी मदद की।
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मां की गोद में दामिनी
- फोटो : amar ujala
हालांकि बाद में सवारी साधन मिलने पर खचाखच भीड़ के बीच बैठकर उन्नाव तक पहुंची। माखी के रऊ डीहा गांव निवासी गुड्डू अपनी पत्नी रोशनी, सास जनाका व ससुर तिवारी के साथ दिल्ली में बिजली के तार बनाने वाली फैक्टरी में काम करता है। दो माह पहले पिता रामनाथ की मौत पर गुड्डू घर आ गया, जबकि पत्नी समेत अन्य परिजन वहीं रुके रहे।
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उन्नव में पुलिस ने हाईवे पर पैदल सफर करने वाले यात्रियों को खिलाया खाना
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लॉक डाउन के बाद 26 मार्च को गुड्डू की पत्नी रोशनी अपनी तीन साल की बच्ची दामिनी व अपनी मां, पिता और गांव के 10 अन्य लोगों के साथ घर जाने के लिए पैदल निकल पड़ी। गाजियाबाद से लालकुंआ तक लगभग 60 किमी की दूरी पैदल तय की। इसके बाद उसे बस मिल गई और वह उन्नाव के बाईपास तिराहा पर तीसरे दिन 28 मार्च की रात 2 बजे उतरी। यहां से पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर उसे घर पहुंचाया।
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देर रात बसों में भर कर पहुंचे थे यात्री
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साइकिल रिक्शा लेकर दिल्ली से बिहार जा रहे युवक
बिहार प्रांत के बेगूसरांय थाना क्षेत्र खड़रिया गांव निवासी कुंदन, शिवकुमार, सुरेश, धर्मेंद्र और राजकुमार दिल्ली में सब्जी की पल्लेदारी करते हैं। लॉक डाउन के बाद 27 मार्च को सभी तीन रिक्शा लेकर दिल्ली से बिहार को निकले। 29 मार्च रविवार को सभी उन्नाव के हसनगंज कस्बा पहुंचे। सभी ने बताया कि बांगरमऊ तक एक्सप्रेसवे के रास्ते फिर पुलिस के डर से बांगरमऊ के पास कट से उतरकर हसनगंज के लिए चले। बताया कि 200 किमी तक खाने पीने के लिए रास्ते में कुछ नहीं मिला। बताया कि वह लगभग 600 किमी का सफर तय कर चुके हैं। लगभग 500 किमी का सफर और तय करना है।
मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी यात्रियों की कराई थर्मल स्क्रीनिंग
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पानी पिलाकर शांत की दुधमुंहे की भूख, पुलिस दूध का डिब्बा लेकर पहुंची
शहर के मोहल्ला कांशीराम निवासी अंजली ने शनिवार सुबह पुलिस को सूचना दी कि उसका दुधमुंहा बच्चा भूखा है। रात में दूध खत्म होने पर उसे पानी पिलाया। महिला की पीड़ा सुन चौकी प्रभारी कांशीराम अखिलेश तिवारी तुंरत दूध का डिब्बा लेकर पहुंचे और महिला को दिया।