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एक्सप्रेस-वे पर कार में जिंदा जला लेफ्टिनेंट, रुला देंगी हादसे की हकीकत बयां करती दर्दनाक तस्वीरें

Tue, 26 Jun 2018 09:54 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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लेफ्टिनेंट की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर इटावा जिले के चौबिया थाना क्षेत्र पर डिवाइडर से टकराई कार में आग लगने से चला रहा लेफ्टिनेंट जिंदा जल गया और चार लोग घायल हो गए। पीछे दूसरी कार से आ रहे रिश्तेदारों ने जलती कार के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। घायलों को सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया है। हादसा रविवार देर रात का है। लेफ्टिनेंट परिवार के साथ फर्रुखाबाद में भागवत कथा से लौट रहा था।  

 
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जलती हुई कार - फोटो : अमर उजाला
इटावा के अशोक नगर निवासी गल्ला आढ़ती राधाकृष्ण यादव का पुत्र राहुल यादव (23) बटालियन 605 में लेफ्टिनेंट था। उसकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में थी। वह 23 जून कर छुट्टी पर घर आया था। उसके पिता ने फर्रुखाबाद के घटिया घाट पर भागवत का आयोजन कराया था। रविवार को वहां पर भंडारा था। राहुल परिवार के साथ भंडारे में शामिल होने के लिए गया था। भंडारा खाने के बाद वह शाम को वैगनआर से मां मनोज कुमारी, बुआ मीरा देवी, भाभी रीनादेवी व भतीजे हर्षित के साथ इटावा के लिए रवाना हुआ था। उसके पीछे अपनी कारों से अन्य रिश्तेदार भी आ रहे थे।
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लेफ्टिनेंट की फाइल फोटो
रात करीब 12 बजे एक्सप्रेस वे पर गांव चौपुला के पास राहुल को नींद का झोंका आया और कार अनियंत्रित होकर पहले बिजली के पोल से टकराई बाद में डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई। पीछे से आए रिश्तेदारों ने कार के शीशे तोड़कर तीनों महिलाओं और बच्चे को बाहर निकाला। राहुल सीट में फंसा रह गया और आग की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी पर पुलिस पहुंची और घायलों को सैफई पीजीआई भेजा। 


 

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लेफ्टिनेंट के घर में जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
राहुल जिस कार से आ रहा था उसमें एलपीजी गैस किट लगी थी। इस वजह से आग ने और विकराल रूप ले लिया। सीओ सिटी अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि कार को राहुल खुद ही चला रहा था। अचानक नींद का झोंका आया और कार अनियंत्रित होकर पहले बिजली के पोल से टकराई और बाद में डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई। एलपीजी गैस किट होने के कारण आग ने तेजी पकड़ ली और देखते ही देखते तेज लपटें उठने लगीं। सीओ सिटी ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो आग की तेज लपटें उठ रही थीं। यदि किट नहीं होती तो आग नहीं लगती। कार के टकराने से राहुल सीट के बीच में फंस गया आग लगने पर वह नहीं निकल सका जिससे उसकी मौत हो गई। 

 
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लेफ्टिनेंट की घायल मां और चचेरा भाई - फोटो : अमर उजाला
राहुल पढ़ने मे काफी होशियार था। जब वह कंप्टीशन की तैयारी कर रहा था, तभी उसके मां बाप ने नौकरी लगने पर घटिया घाट पर भागवत कराने का संकल्प लिया था। इसी उपलक्ष्य में आयोजन किया गया था। हादसे के बाद से राहुल के घर पर शोक जताने वाले पहुंचने लगे। इस हादसे के बाद सभी की आंखें नम थीं। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। 

आग इतनी तेज थी कि राहुल को उससे निकलने का मौका नहीं मिला और वह उस में फंसकर रह गया। किसी भी व्यक्ति की इतनी हिम्मत नहीं पड़ रही थी कि वह कार के पास तक जा सके। इसकी कारण से लोग राहुल को नहीं निकाल सके।  वह वहीं पर जल गया। आग शांत हुई तो अवशेष ही शेष बचे थे। पुलिस ने अवशेष को ही लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कार तो पूरी तरह से जल चुकी थी। 
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