नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है।
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सेक्टर 60 के पास जमा लोगों पर पुलिस ने भाजी लाठियां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने, राशि की वसूली करने और एजेंसियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों के उपद्रव में कई ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वहीं, श्रम कानूनों का पालन नहीं करने पर ठेकेदारों के खिलाफ 1.16 करोड़ रुपये की पेनल्टी के नोटिस जारी किए गए हैं।
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सेक्टर 57 कंपनी के बाहर पड़े टूटे गमले और पुलिस बल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अन्य ठेकेदारों की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बताया गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 फीसदी की वृद्धि की गई है।
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सेक्टर 57 में पुलिस बल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती का मामला सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान पर ठेकेदारों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
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नोएडा में प्रदर्शन करते श्रमिक
- फोटो : एएनआई
नोएडा बवाल की साजिश में शहर के चार युवकों पर शक की सुई
नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है।
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नोएडा में वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने फूंकी पुलिस की गाड़ी
- फोटो : पीटीआई
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटना के दौरान बनाए गए वीडियो खंगाले जा रहे हैं। शहर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। शुक्रवार को नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से कुछ लोगों को इसी सिलसिले में उठाया गया है।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बाइक को लगाई आग
- फोटो : पीटीआई
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की फैक्टि्रयों में तोड़फोड़, आगजनी, पुलिस व अन्य सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटना हुई थी। पुलिस ने बवाल करने वालों को मशक्कत कर शांत कराया। अलग-अलग इकाइयों में एकदम से भीड़ उग्र हुई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान बाइक और कारों में लगाई आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के साथ प्रतिष्ठानों पर पथराव हुआ। पुलिस और प्रशासन ने खुफिया, इंटेलीजेंस, एलआईयू आदि से जांच कराई जिनकी प्रारंभिक जांच में बवाल के पीछे साजिश की आशंका जताई गई।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान कंपनी में तोड़फोड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्रों के मुताबिक कुछ प्रतिष्ठानों में फेस रिकग्नाइजेशन (चेहरे पहचानने वाले) कैमरे लगे हुए हैं। उनमें संदिग्धों के वीडियो मिले हैं। कुछ युवक पत्थर, तेल के गैलन, सब्बल लिए नजर आ रहे हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। कानपुर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। इनमें से दो वहां रहने के साथ सब्जी व फल का कारोबार करते हैं। उनके बारे में नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से जानकारी जुटाई गई है। कुछ लोगों को उठाया गया है।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज करते हुए गिरा पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब तक किसी जांच एजेंसी ने कोई संपर्क नहीं किया है। एसटीएफ अपने स्तर पर जांच कर रही है। अगर जांच में कोई सहयोग मांगा जाता है तो कमिश्नरी पुलिस उनकी मदद करेगी।- संकल्प शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय व अपराध
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव करते प्रदर्शनकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ी कंपनियों में लगाई फोर्स
श्रमिक आंदोलन को लेकर शुक्रवार को भी क्षेत्र में पुलिस अलर्ट पर रही। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी कंपनियों में पुलिस फोर्स के जवान भी तैनात रहे। यमुना सिटी के सेक्टर-24ए स्थित वीवो कंपनी में बृहस्पतिवार सुबह वेतन को लेकर कंपनी कर्मियों ने हंगामा किया था। इस दौरान कर्मचरियों ने वेतन बढ़ाने की मांग करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर कर्मियों को समझाया था।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान महिला पर लाठीचार्ज भांजती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विवि के छात्रों व सियासी दल ने मजदूरों को भड़काया
नोएडा में हुए बवाल को भड़काने के पीछे दिल्ली के एक विवादित विश्वविद्यालय के छात्रों और एक सियासी दल के लोगों का हाथ था। जांच के दायरे में आए सियासी दल का जुड़ाव कुछ नक्सली संगठनों से भी है। शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच कर रही एसटीएफ की जांच में इसके पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। एसटीएफ इसमें शामिल लोगों को तेजी से चिन्हित कर रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार किया जाएगा।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान गाड़ी को लगाई आग
- फोटो : एएनआई
कुछ दिन पहले मानेसर में हुए बवाल के दौरान भी यह गुट सक्रिय था
सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में बवाल शुरू होने के बाद दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के छात्रों का एक गुट वहां पहुंचा, जिसने मजदूरों के गुस्से को भड़काया। इस गुट ने ही गाड़ियों में आग लगाई और पुलिस को निशाना बनाया।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : एएनआई
इसके अलावा एक राजनीतिक दल के समर्थक भी उनके साथ नोएडा गए थे, जिन्होंने मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाया था। पुलिस की सख्ती बढ़ने पर उन्होंने वापस दिल्ली का रुख किया लेकिन कुछ मेट्रो स्टेशन से उन्हें दबोच लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कबूला कि उनका मकसद मजदूरों के प्रदर्शन को हिंसक रूप देना था।
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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ी को लगाई आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्हाट्सएप ग्रुप खंगाल रही एसटीए
जांच में यह भी सामने आया कि इसी गुट ने हरियाणा के मानेसर में बीती 9 अप्रैल को हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों को भड़काने का प्रयास किया था ताकि औद्योगिक क्षेत्र में दंगा भड़क जाए। एसटीएफ इस मामले में तमाम ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप को खंगाल रही है, जिनके जरिये मजदूरों को भड़काया गया था।
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज करता जवान
- फोटो : पीटीआई
इस गुट से जुड़े लोगों का नोएडा या मानेसर में प्रदर्शन करने वालों से कोई वास्ता नहीं था। एसटीएफ नोएडा और मानेसर की घटना में शामिल लोगों का मिलान जांच के दायरे में आए व्हाट्सएप ग्रुप से कर रही है।