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...तस्वीरों में देखें, कैसे पिंजरा खुलते ही घने जंगल में खो गया तेंदुआ

Wed, 15 Nov 2017 08:34 AM IST
सुधीर अग्रवाल, अमर उजाला, चित्रकूट
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हाथरस से रानीपुर वन्य जीव बिहार क्षेत्र पहुुंचा तेंदुआ
पिंजरा खुलते ही तेंदुआ तेजी से निकला और पलक झपकते ही घने जंगल की ओर भागते हुए कहीं खो गया। इस दौरान वनकर्मी हाथों में औजार और असलहे लेकर आगे बढ़े लेकिन, तेंदुआ का कोई पता नहीं चला।  
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पिंजरे में लेटा तेंदुआ
चित्रकूट रानीपुर वन्यजीव विहार को एक और नया मेहमान मिल गया है। सोमवार को मानिकपुर रेंज हनुमानगंज के जंगल में एक तेंदुआ छोड़ा गया। हाथरस जिले के नगला गांव, सदाबाद रेंज में तेंदुआ को स्पेशल ब्रज वाहन से आगरा वाइल्ड लाइफ एक्सनिया टीम के डॉ. मुकुल, कर्मवीर नाथ, मनोज चौरसिया, ओंकार सिंह, वन दरोगा अखिलेश कुमार अपनी टीम के साथ रानीपुर वन्यजीव विहार के कैंप कार्यालय पहुंचे।   
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पिंजरे में बैठा तेंदुआ और उसे निकालने की तैयारी करते वनकर्मी।
इस दौरान मौके पर मानिकपुर वन्य रेंज के क्षेत्राधिकारी बीएम शुक्ला, रानीपुर वन्यजीव विहार के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद व मारकुंडी सेंचुरी के रेंजर दयाराम आदि मौजूद रहे। 

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तेंदुआ को निकालने की तैयारी करते वनकर्मी।
रानीपुर वन्यजीव विहार प्राकृतिक रूप से जंगली जानवरों के लिए अच्छा जंगल माना जाता है कई दशकों से इस जंगल में बाघ, हिरण, भालू, बंदर, सेही, रोझ, नीलगाय, मोर आदि हैं। इस अभ्यारण में करीब 260 वर्ग मीटर में जंगलों में स्थिति गुफ ाओं कंदराओं और घने जंगलों में रहते है।   
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तेंदुआ जंगल में छोड़ दिया
इसके पहले जून 2017 में इसी क्षेत्र में बबेरू से तेंदुआ लाकर छोड़ा गया था। बीते वर्ष इसी सेंचुरी के अंर्तगत कल्याणपुर जंगल में एक मादा तेंदुआ छोड़ा गया था। अब नर तेंदुआ के भी आ जाने से वन्यजीव के विशेषज्ञाें का मानना है कि आने वाले समय में उनका आपसी मिलन हो जाऐगा। इससे वन्य क्षेत्र मे तेंदुओं की संख्या मे बढोतरी होगी।
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