उन्नाव जिले में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में कुलदीप सेंगर समेत सात पर दोष सिद्ध होने के बाद कुलदीप सेंगर खेमे में मायूसी छा गई। शहर स्थित आवास व गांव में सन्नाटा पसरा गया। एहतियात के तौर पर पीड़िता के घर के बाहर लगी सीआरपीएफ व थाना पुलिस ने गांव में गश्त की।
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गांव में गश्त करते सीआरपीएफ जवान
- फोटो : अमर उजाला
भारी पुलिस बल को देख गांव के लोग घरों से बाहर नहीं निकले। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को दुष्कर्म पीड़िता की हत्या के मामले में कुलदीप सेंगर व उसके भाई अतुल सेंगर समेत सात लोगों को दोषी करार दिया।
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गांव में गश्त करती माखी थाना पुलिस की टीम
- फोटो : अमर उजाला
जिसके बाद कुलदीप सेंगर खेमे की बची उम्मीदों पर पानी फिर गया। देखते ही देखते कुलदीप खेमे में मायूसी छा गई। गांव के हर गली नुक्कड़ पर फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। इसको देखते हुए पीड़िता के घर के बाहर तैनात सीआरपीएफ और माखी थाना पुलिस ने गांव के पैदल गश्त की।
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कुलदीप सेंगर
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को सक्रिय देख दहशत में लोग मजमा लगाकर खड़े नहीं हुए। हालांकि गांव के बाहर चाय के होटल व अन्य दुकानों पर खड़े होकर लोग इसी प्रकरण को लेकर चर्चा करते रहे।