आप घर बैठे ही शादी का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अब बायोमैट्रिक के लिए सब-रजिस्ट्रार के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑनलाइन आवेदन के समय आधार कार्ड नंबर डालने से वर और वधू का बायोमैट्रिक हो जाएगा। इसके बाद आप घर पर ही रजिस्ट्रेशन का प्रिंट निकाल सकेंगे।
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पहले उत्तर प्रदेश हिन्दू विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली 1973 के नियम दो के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन होता था। अब प्रदेश सरकार ने सभी धर्म के लिए इसे अनिवार्य कर दिया है। इसलिए अब विवाह पंजीकरण नियमावली के तहत पंजीकरण होता है। प्रदेश सरकार ने पंजीकरण कराना बहुत आसान कर दिया है। आधार कार्ड आधारित आवेदन से आप घर बैठे अपना पंजीकरण करा सकते हैं। सब रजिस्ट्रार बीएस वर्मा ने बताया कि igrsup.gov.in पर आप आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद वर और वधू दोनों के मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड आएगा। इसके बाद 20 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आधार कार्ड लगाने के कारण सॉफ्टवेयर वर और वधू दोनों का बायोमैट्रिक ले लेगा। कुछ दिन बाद आप पंजीकरण का ऑनलाइन प्रिंट निकाल सकते हैं।
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तो फिर जाना होगा दफ्तर
अगर आप गैर आधार कार्ड आधारित आवेदन करते हैं, तो आपको बायोमैट्रिक के लिए सब-रजिस्ट्रार के दफ्तर जाना होगा। igrsup.gov.in पर आवेदन के एक माह के अंदर आपको रजिस्ट्री दफ्तर जाना होगा। पंजीकरण के लिए आपको दस रुपये वहां जमा करना होगा। इसकी रसीद आपको मिलेगी।
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ये हैं रजिस्ट्रेशन के फायदे
पासपोर्ट और वीजा बनवाने में पति और पत्नी का संबंध साबित करने के लिए। संपत्ति से संबंधित किसी भी विवाद में खुद को पति या पत्नी साबित करने के लिए। पेंशन और उत्तराधिकार के विवाद में। पति के निधन के बाद किसी भी तरह के क्लेम में। शादी को कानूनी मान्यता देने में।
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कहां होगा रजिस्ट्रेशन
जहां पर पति का निवास हो या जहां विवाह हुआ हो वहां रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। जैसे अगर कोई लड़का कानपुर देहात का रहने वाला है और उसने कानपुर शहर में शादी की है तो वह कानपुर शहर या कानपुर देहात दोनों में किसी भी जगह रजिस्ट्रेशन करा सकता है। रजिस्ट्रेशन के समय लड़के की उम्र 21 और लड़की की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
हर साल 50 रुपये जुर्माना
एआईजी स्टांप देवेंद्र सिंह ने बताया कि शादी के एक साल के अंदर पंजीकरण न कराने पर 50 रुपये प्रति साल के हिसाब से जुर्माना देना होगा। इसलिए शादी के एक साल के अंदर ही अपना पंजीकरण करा लें।