केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को अपने कार्यकाल का आखिरी अंतरिम बजट पेश किया गया। सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों ने जहां बजट का स्वागत किया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे झूठ का पुलिंदा बताया है। बजट में बुंदेलखंड के लिए कोई अलग प्रावधान न किए जाने से बुंदेली बाशिंदे मायूस हैं। पुरानी पेंशन बहाल न होने से राज्यकर्मी असंतुष्ट हैं। अलबत्ता इनकम टैक्स की सीमा दोगुनी करते हुए पांच लाख कर दिए जाने को राहतभरा कदम बताया है।
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बीएम गुप्ता
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बजट में इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाकर साढ़े 5 लाख रुपये कर दिए जाने को लेकर वरिष्ठ आयकर अधिवक्ता बीएम गुप्ता का कहना है कि लोकलुभावनी योजनाओं की घोषणा तो कर दी गई लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि केंद्र सरकार के पास इसके लिए धन कहां से आएगा। नौकरीपेशा तबका काफी अरसे से स्लैब में बदलाव की मांग कर रहा था, लेकिन सरकार ने इसे ठुकरा दिया। सिर्फ आय सीमा ही बढ़ाई है।
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संजय गुप्ता
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कारोबारी और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य संजय गुप्ता की राय में आम बजट में सबसे बड़ी राहत इनकम टैक्स में दी गई है। मध्यम वर्ग को इससे काफी राहत मिलेगी। हालांकि अभी भी व्यापारियों और मध्यम तबके के लिए रियायतों की राह छोड़ी जानी चाहिए। जीएसटी कम की जानी चाहिए, साथ ही इसको सरल किया जाना चाहिए।
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रजनी गुप्ता
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संविदा कर्मी व गृहिणी रजनी गुप्ता ने बजट को संतुलित और सभी को राहत देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाना, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए श्रम योगी, मानधन योजना, किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि इत्यादि योजनाएं आने वाले दिनों में इन वर्गों का कल्याण करेंगी। गृहणियों को भी राहत मिलेगी। विकास के नए रास्ते खुलेंगे। बजट से सभी वर्गों के लोग खुश हैं।
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सुधीर सिंह
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डीसीडीएफ अध्यक्ष सुधीर सिंह का कहना है कि अंतरिम बजट से किसानों को कोई विशेष लाभ नहीं होगा। किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम दिलाने की बजाय दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को साल में 6 हजार रुपये की मदद हास्यास्पद है। यहां सीलिंग एक्ट की सीमा अन्य स्थानों से ढाई गुना अधिक है। बुंदेलखंड के ज्यादातर किसान इस लाभ से वंचित हो जाएंगे।
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अनूप रावत
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राज्यकर्मी और विकास भवन कर्मचारी संघ पूर्व महामंत्री अनूप रावत का कहना है कि इनकम टैक्स सीमा बढ़ाए जाने से नौकरीपेशा वर्ग को काफी राहत मिलेगी। अन्य आयकर दाताओं को भी फायदा होगा। ग्रेच्युटी सीमा 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपये और 40 हजार रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस न कटना भी राहत भरा होगा। अंतरिम बजट से सभी वर्गों को फायदा मिलेगा।
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लवलेश सिंह
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भाजपा जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह का कहना है कि भाजपा सरकार का अंतरिम बजट भी सबका साथ-सबका विकास फार्मूले पर बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर साल हर वर्ग को राहत पहुंचा रही है। इस बजट में भी राज्य कर्मचारियों, आयकर दाताओं, किसानों, मजदूरों आदि का पूरा ख्याल रखा गया है। सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट है। कुल मिलाकर यह बेहतर है।
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सांसद विशंभर प्रसाद निषाद
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राज्यसभा सांसद और सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद ने अंतरिम बजट को झूठ का पुलिंदा बताया है। कहा कि बजट से एक बार फिर निराशा लगी है। सरकार ने विदाई के साल में किसानों को 500 रुपये महीने की मदद का तीर मारा है। यह किसानों के साथ मजाक है। मजदूरों को पेंशन के नाम पर बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश किसान समृद्धि आयोग के सदस्य और प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह का कहना है कि दो हेक्टेयर तक के काश्तकारों के लिए शुरू की जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पूरे वर्ष में मात्र 6000 रुपये दिया जाना किसानों का अपमान है। किसान इस बजट से निराश और हताश हैं। यह रकम पिछले एक वर्ष में डीएपी, डीजल, बीज आदि के दामों में हुई वृद्धि की भी भरपाई नहीं कर पाएगी।