स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री (एसएएफ) में एडवांस ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कारबाइन (जेवीपीसी) विकसित की जा रही है। इसका नाम मार्क अल्फा जेवीपीसी रखा गया है। कारबाइन के मुकाबले यह एडवांस कारबाइन सटीकता और निरंतरता के मामले में ज्यादा बेहतर होगी। फायरिंग के दौरान बीच-बीच में रुकने वाली समस्या इस एडवांस कारबाइन में नहीं होगी। इस आधुनिक कारबाइन में नाइट विजन कैमरा भी लगा सकेंगे। इससे रात में भी सटीक निशाना लगाया जा सकेगा। पुरानी जेवीपीसी को पैरामिलिट्री फोर्स का जबरदस्त रिस्पांस मिला था। इस बार भी फोर्स विषेश रुचि ले रही हैं।
बुधवार को कानपुर स्थित निर्माणी में वेंडरों के लिए ‘संपर्क एसएएफ’ मोबाइल ऐप की लांचिंग के दौरान निर्माणी के महाप्रबंधक संजय कुमार पटनायक ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में निर्माणी में एके-47 का आधुनिक संस्करण एके-103 का भी निर्माण होगा। इस दिशा में आयुध निर्माणी बोर्ड केंद्र सरकार के साथ मिलकर संबंधित देश के साथ वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेवीपीसी कारबाइन गृह मंत्रालय के अधीन सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ को काफी पसंद है। उनकी जरूरतों के मुताबिक परिवर्तन भी किए जा रहे हैं। बीएसएफ ने परीक्षण भी शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने 640 कारबाइन, सीआरपीएफ ने 20 हजार और आरपीएफ ने 32 हजार कारबाइन की डिमांड भेजी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी से भी कारबाइन मुद्दे पर जल्द चर्चा होने वाली है। उन्होंने बताया कि निर्माणी में बेल्ट फेल्ड लाइट मशीन गन तैयार कर ली गई है। इसका ट्रायल अगले महीने से इंफेंट्री स्कूल माओ में शुरू होगा। इस मौके पर अपर महाप्रबंधक अजय सिंह, के वासू रॉय, उपमहाप्रबंधक आरके मीना, अधिकारी व वेंडर मौजूद रहे।