फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए मकंर संक्रांति पर क्याें उड़ाई जाती है पतंग

Mon, 15 Jan 2018 08:18 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 8
पतंग उड़ाती छात्राएं
कानपुर के किदवई नगर स्थित ई - ब्लाक पार्क में छात्राओं ने पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति पर्व मनाया। पतंगों में मोदी, योगी, बाहुबली, सिंघम, मोटू - पतलू, बेटी बचाओ, एक था टाइगर चित्रकारी व लिखे हुए फिल्मी नाम वाली पतंगें खूब उड़ी। मकर संक्रांति हिंदुओं का प्रमुख पर्व माना जाता है।


 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 8
पतंग उत्सव
हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह में जब सूर्य मकर राशि में आता है तब ये पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि इस दिन देव भी धरती पर अवतरित होते हैं और आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 
विज्ञापन

3 of 8
पतंग उड़ाती लड़क‌ियां
मकर संक्रांति के दिन पुण्य, दान, जप तथा धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। कई स्थानों पर इस दिन मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए खिचड़ी दान करने की परंपरा भी माना जाती है।

 

4 of 8
पतंग उड़ाती छात्राएं
मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाकर यह त्योहार मनाने का चलन काफी प्रचलित है। पतंग उड़ाने का रिवाज मकर संक्रांति के साथ जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति के दिन अक्सर अपने घरों की छतों से पतंग उड़ाकर इस त्योहार का जश्न मनाते हैं।

 
विज्ञापन

5 of 8
पतंग उत्सव
कई जगहों पर तो पतंग उड़ाने की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। इस अवसर पर लोग भले ही पतंग उड़ाने का आनंद लेते हैं लेकिन वह इस बात से अनजान होते है कि इस दिन सूर्य से मिलने वाली धूप का उनके शरीर को फायदा मिलता है।

 
विज्ञापन

6 of 8
पतंग उत्सव
कहा जाता है कि सर्दियों में हमारा शरीर खांसी, जुकाम और अन्य कई संक्रमण से प्रभावित होता है मकर संक्रांति के दिन सूर्य उतारायण में होता है। सूर्य के उतरायण में जाने के समय उससे निकलने वाली सूर्य की किरणें मानव शरीर के लिए औषधि का काम करती हैं।

 
विज्ञापन

7 of 8
पतंग उड़ाती छात्राएं
इसलिए पतंग उड़ाने के शरीर को लगातार शरीर को सूर्य से सेंक मिलता है और उससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। मकर संक्रांति के दिन गंगास्नान का महत्व भी माना जाता है। पवित्र नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम स्थल प्रयाग में माघ मेला लगता है और संक्रांत के स्नान को महास्नान कहा जाता है।

 
विज्ञापन

8 of 8
पतंग उड़ाती छात्राएं
इस दिन हुए सूर्य गोचर को अंधकार से प्रकाश की तरफ बढ़ना माना जाता है। माना जाता है कि प्रकाश लोगों के जीवन में खुशियां लाता है। इसी के साथ इस दिन अन्न की पूजा होती है और प्रार्थना की जाती है कि हर साल इसी तरह हर घर में अन्न-धन भरा रहे। पतंग उत्सव में सोनम दीक्षत, साक्षी, पूनम दीक्षित, राजकुमारी मिश्रा, चांदनी, मुस्कान, आंचल ने भागीदारी की। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें